Safed musli cultivation in hot environment, young tribal farmer did a successful experiment

    सुरगाणा. गुजरात और आदिवासी क्षेत्र के ठंड प्रदेश में सफेद मूसली (Safed Musli) उष्ण वातावरण में उगाने का सफल प्रयोग तहसील के म्हैसखडक (उ) के युवा आदिवासी किसान तुकाराम देशमुख (Tukaram Deshmukh) और उनकी पत्नी संगीता देशमुख ने किया। तुकाराम पोल्ट्री व्यवसाय करते हैं। 

    वह शिक्षित होने से खेत में अलग-अलग प्रयोग करते हैं, जिसमें पारंपरिक फसल (Crop) के साथ नारियल, सुपारी, संतरा, मौसंबी, केसर आम, जायफल, काली मिर्च, सफेद बैंगनी, काजू, चीकू, नींबू, कटहल, बांस, सीताफल, लाल अमृत, लाल सीताफल, सफेद सीताफल, सागा के 300 पेड़, अर्जुन सादडा, बैंगनी गुलाब के 15 प्रकार के पेड़, गुड़हल, मोगरा आदि शामिल हैं।

    फसल के लिए मंडी की तलाश

    उत्पादन होने के बाद भी अच्छे दाम न मिलने से वह रुके नहीं। खेती में विविध प्रयोग कर रहे है। पुत्री शीतल और लक्ष्मी शिक्षा के लिए बाहर है। फसल की जानकारी वह इंटरनेट से लेते हैं। साथ ही राज्य सरकार के किसान हेल्पलाइन के माध्यम से मध्य प्रदेश, गुजरात के किसानों से संपर्क करते हैं। इस माध्यम से उन्हें सफेद मूसली की जानकारी मिली। शुरुआत में 40 आर क्षेत्र में सफेद मूसली की फसल मुरमद जमीन में की। दरमियान 10 प्रतिशत पौधे मर गए। जिले में यह पहला प्रयोग है। आज की स्थिति में वह इस फसल के लिए मंडी की तलाश कर रहे हैं।