ठंड के मौसम में कोरोना महामारी का दूसरा चरण

  • संक्रमण रोकने के लिए मनपा प्रयास सजग
  • बढ़ सकते हैं 6 हजार से 10 हजार तक एक्टिव मरीज
  • मनपा आयुक्त कैलास जाधव ने दी जानकारी

नाशिक. मनपा आयुक्त कैलास जाधव ने कहा कि पिछले दो माह की तुलना में कोरोना संक्रमित मरीजों में एक्टिव मरीजों की संख्या कम हो गई है, लेकिन ठंड के मौसम में कोरोना महामारी का दुसरा चरण शुरू होगा. कोरोना संक्रमन को रोकने के लिए मनपा प्रशासन सजग हो गया है. नागरिकों ने प्रभावी रूप से खबरदारी लेने की जरूरत है. वे झूम मीटिंग के माध्यम से समाचार पत्रों के संपादक और प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने आगे कहा, आज की स्थिति में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 3-4 हजार है. ठंड के मौसम में कोरोना महामारी का दुसरा चरण शुरू होगा. तब एक्टिव  मरीजों की संख्या 6 हजार से 10 हजार होने की संभावना है. अमरधाम में आज की स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए होने वाली विद्युत दाहीनी में शव का वेटींग नहीं है. फिर भी भविष्य में समस्या निर्माण न हो इसलिए दुसरी दाहीनी का काम शुरू किया गया है. मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी अभियान दूसरे चरण सख्त किया जाएगा.

पहले चरण में अभियान में एप में तकनीकी समस्या आई. गरिबों के लिए होने वाले नाशिकरोड विभाग के बिटको अस्पताल का निजीकरण नहीं किया जाएगा. उलटा अस्पताल का पुर्ननिर्माण व सक्षमीकरण किया जाएगा. विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए बिटको अस्पताल में वैद्यकीय कोर्स शुरू किया जाएगा, जिसे लेकर आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ के पास प्रस्ताव भेजा गया है. नए बिटको अस्पताल में विदेश के डॉक्टरों का मार्गदर्शन मिले इसलिए टेलिफोनिक सुविधा उपलब्ध करने का प्रयास किया जा रहा है. पुराने बिटको अस्पताल हमेशा के लिए संक्रमन बिमारियों के लिए उपचार करने हेतू रखा जाएगा.

गोदावरी सुशोभिकरण को प्राथमिकता दी जाएगी. कोरोना के चलते मनपा की आय 30 प्रतिशत से कम हो गई है. आगामी दिनों में जल, स्वच्छता, आरोग्य आदि विषय पर अधिक निधी खर्च किया जाएगा. संपत्ती, जल टैक्स सहित विकास शुल्क कम हुआ है. फिर भी सख्ती से टैक्स वसूली नहीं की जाएगी. कोरोना संक्रमन बढ़ने की संभावना से आगामी माह में ऑ‍क्सीजन, वेंटीलेटर बेड बढ़ाए जाएंगे. शहर में 35 प्रतिशत मरीजों पर घर में ही उपचार किए जा रहे है. एक पॉजिटिव मरीज के पिछे 35 ट्रेसिंग है. ट्रेसिंग खोज में नाशिक राज्य में आगे है. नाशिक शहर में सबसे कम यानी की 1.4 मृत्यु दर है. सर्वेक्षण अभियान तीव्र और सख्त किया जाएगा.कोरोना जांच में नाशिक राज्य में पहला शहर बन गया है. अब केवल 16 फिवर क्लिनीक में होगी जांच.