शिरसाठ का परिवार घर से गायब, दरवाजे पर लगा है ताला

नाशिक. HAL कंपनी से घर आने के बाद दीपक शिरसाठ, एक रहस्यमय व्यक्तित्व, जिनका किसी से भी ज्यादा संपर्क नहीं था. घंटों तक अपने मोबाइल पर बात करता था और उसका कोई करीबी दोस्त भी नहीं था. HAL का अमला यह जानकर हैरान रह गया कि मुंबई आतंकवाद-निरोधी दस्ते ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है. जैसे ही रहस्यमय व्यक्तित्व का पता चल है, उसके निवासी क्षेत्र में बहुत चर्चा हो रही है. बड़ी संख्या में एचएएल कर्मचारी मुंबई-आगरा राजमार्ग के आसपास के क्षेत्रों में रह रहे हैं, विशेषकर आडगांव शिवार में. 

आरोपी की किसी से दोस्ती नहीं

जत्रा होटल के पास आडगांव शिवार से वृंदावननगर एचएएल कर्मचारी दीपक शिरसाठ लगभग 12 वर्षों से यहां रह रहा था. वह प्रतिविहार नामक दो मंजिला बंगले में रहता है. इस बंगले के बगल में दक्षिण में एक बंगला है. उत्तर और पश्चिम खुले हैं. नवरात्रि उत्सव के दौरान हर साल इस खुली जगह में डांडिया होता है. उनका बंगला इतनी खुली जगह पर है और कई लोग इस क्षेत्र में आते-जाते हैं. यहां कई चाट की दुकानें भी लगती हैं. हालांकि, शिरसाठ कभी किसी से ज्यादा बात नहीं करता था. यहां के युवाओं ने उसे अपने मोबाइल पर घंटों बात करते देखा है. 

घंटों फोन पर रहता था बिजी

वह बिना किसी से बात किए अपने मोबाइल पर लंबे समय तक बिजी रहता था. यहां के युवाओं का कहना है कि उसकी किसी से खास दोस्ती नहीं है. वो आमतौर पर रात 8 बजे के बाद अपने मोबाइल फोन पर बात करना शुरू करता था. वह एक खुले इलाके में मोबाइल फोन पर बात करता था, जहां कोई भी उस पर ध्यान नहीं देता. क्योंकि यह उसका सामान्य स्वभाव था. फिटनेस पर  वह विशेष ध्यान रखता था. सुबह अकेले घूमने जाता था. उसके परिवार में उसकी पत्नी, भाभी, दो बेटियां, एक बेटा और एक भतीजा है. उसके परिवार के सदस्य शुक्रवार (9 अक्टूबर) को दोपहर तक घर पर थे, जिसके बाद वह घर पर ताला लगाकर कहीं चले गए हैं.