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2548 शेल्ड के काम

नाशिक. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से गांव स्तर पर आज की स्थिति में 2 हजार 548 काम के माध्यम से 17 हजार 117 रोजगार का सृजन हुआ है. कोरोना के संकट में रोहयो के माध्यम से 40 हजार मजदूरों को काम मिला है. इसके चलते मजदूरों का पलायन रुक गया है. तहसील यंत्रणा के अंतर्गत हर एक तहसील में रोपवाटिका तैयार करने, वृक्षारोपण, रोपवन, तुती लागवड, फलबाग लागवड, गांडूल खाद, नाफेड, वनतले, चावल खाचरं, कीचड़ निकालना आदि अलग-अलग वैयक्तिक और सार्वजनिक स्परूप के 720 कार्य शुरू हैं. यहां पर 3 हजार 581 मजदूर कार्यरत हैं. जिले की सभी तहसीलों को मिलाकर सर्वाधिक फलबाग लगाने के 461 काम शुरू हैं. इससे 1 हजार 438 मजदूरों को काम मिला है. इसके चलते मजदूरों का स्थलांतरण रुक गया है.

मनरेगा के कामों की मांग बढ़ी

कोरोना के संकट में मनरेगा के कामों की मांग बढ़ गई है. जिला परिषद के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा के 19 जून 2020 तक कुल 2 हजार 989  वैयक्तिक और सार्वजनिक काम शुरू हैं. इन कामों की मदद से 22 हजार 254 मजदूरों को गांव स्तर पर रोजगार उपलब्ध हुआ है. इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए उप जिलाधिकारी (रोहयो) पल्लवी निर्मल ने कहा, लाक डाउन के समय गांव में आए मजदूरों को मनरेगा के माध्यम से जाब कार्ड उपलब्ध कराते हुए काम दिया जा रहा है. विविध सरकारी यंत्रणा के साथ समन्वय रखते हुए मजदूरों को उनके गांव में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. इस साल 40 हजार मजदूर काम कर रहे हैं.