कोविड सेंटर की मांग को लेकर नपा के सामने धरना

  • स्लग-पूर्व नगराध्यक्ष पगारे के नेतृत्व में जुटे वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ता
  • कांग्रेस ने दिया आंदोलन को समर्थन

मनमाड. मनमाड शहर में कोरोना का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है. रोजाना यहां बड़े पैमाने पर नए मरीज पाए जा रहे हैं, जिसके कारण लोगों में डर का माहौल उत्पन्न होने लगा है. शहर में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां ऑक्सीजन बेड, कोविड सेंटर (डीसीएचसी) शुरू किये जाने की मांग को लेकर वंचित बहुजन आघाडी ने आक्रामक भूमिका अपनाते हुए शुक्रवार को पूर्व नगराध्यक्ष राजेंद्र पगारे के नेतृत्व में नपा के सामने बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू किया. जब तक शहर में डीसीएचसी सेंटर शुरू नहीं किया जाता, आंदोलन और उग्र किये जाने की चेतावनी पगारे ने दी है. उधर इस आंदोलन में नपा के कांग्रेस गुट नेता रविन्द्र घोडेस्वार भी शामिल हुए और उन्होंने आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन दिया.

वंचित के नेता पूर्व नगराध्यक्ष राजेंद्र पगारे के नेतृत्व में नपा के मुख्य गेट के सामने धरना प्रदर्शन शुरू किये जाने के बाद संतप्त कार्यकर्ताओं ने जिला स्वास्थ्य विभाग मुर्दाबाद, तालुका स्वास्थ्य विभाग हाय-हाय, स्थानीय प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस अवसर पर बोलते हुए पगारे ने कहा कि विगत दो माह से शहर परिसर में कोरोना का कहर व्याप्त है. लगभग सभी इलाकों में कोरोना का संक्रमण फैलता जा रहा है. नपा, बिजली विभाग, उपज मंडी, उपजिला अस्पताल, विभिन्न बैंकों के साथ-साथ आम लोगों समेत करीब 15 नगरसेवक एवं विभिन्न राजनैतिक दलों के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.

अब तक 18 लोगों की जा चुकी है जान

करीब 18 लोगों की कोरोना ने जान ले ली है, उसमें से कुछ लोगों की ऑक्सीजन बेड के अभाव में मृत्यु हुई है. नासिक जिले में मालेगांव के बाद मनमाड शहर एकमात्र बड़ा शहर है. करीब सवा लाख आबादी वाले इस शहर में डीसीएचसी की सख्त जरूरत होने के बावजूद सरकारी स्तर पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है. इस अवसर पर  पी.आर.निले, कादीर शेख, पापा थॉमस, कैलास शिंदे, यशवंत बागुल, संदीप कांबले, जितेंद्र गायकवाड, अशोक गरुड, सुरेश जगताप, विजय उबाले, श्याम मोती, उमेश भालेराव, मोजेस सालवे, सागर गरुड, गोपी गरुड, गणेश आहिरे, संतोष भोसले समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.