बारिश की जोरदार वापसी,  किसानों के खिले चेहरे

कुछ हिस्सों में फसलों को नुकसान

साक्री. तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को हुई जोरदार बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं मालमाथा परिसर में हुई जोरदार बारिश ने नई फसल और बुआई पर संकट पैदा कर दिया है. जिसके चलते इस इलाके के किसानों की मुस्कान छीन ली है. क्योंकि खेतों में लबालब पानी भर गया है और भारी वर्षा ने इलाके की फसल को धो डाला है. लगभग दो घंटे लगातार मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. निजामपुर मंडल क्षेत्र में 36 मिमी बारिश हुई, वहीं निकट के दुसाने मंडल क्षेत्र में 72 मिमी बारिश दर्ज हुई है.ग्राम टीटाने में विशेषकर ऐसे हालात हुए हैं. शुक्रवार को शाम 4.30 बजे बादलों की गरज के साथ हुई भारी बारिश ने क्षेत्र को दहला कर रख दिया.

पानी के प्रवाह से रुका यातायात

ग्राम निजामपुर और ग्राम खोरी के बीच नदी के भारी प्रवाह से यातायात रुक गया. गांव की सभी सड़कों पर मानो नदियां बह रही जैसा मंजर था. यही पानी का बहाव खेतों में जा घुसा. ज्वार , बाजरा, कपास, मक्का आदि  फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं. कई जगह नई और हाल ही में हुई बुआई की फसलों की जड़ें बह गईं. कुछ हिल गईं, जिसके सड़ने की आशंका है. इसी सड़क पर सरपट मोटरसाइकिल सवार जो पानी के बहाव से बह चला था,को ग्रामीणों ने बचा लिया. साक्री मंडल क्षेत्र में 43 मिमी (कुल 240 मिमी) बारिश दर्ज हुई, जो भारी वर्षा की ओर संकेत करती है. लेकिन कोई नुकसान की खबर नहीं है. काटवान क्षेत्र के ग्राम कासारे मंडल क्षेत्र में 51 मिमी बारिश हुई है.इस क्षेत्र में किसानों की बुआई का काम लगभग पूरा हो गया है.

फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद

बरसात का पहला चरण बहुत अच्छा होने से इस वर्ष अच्छे उपज की उम्मीदें जगी है. शेष तहसील क्षेत्र में जैसे काटवान के म्हसदी में 26 (196), पश्चिमी पट्टा भाग में पिंपलनेर 28 (207), ब्राह्मन्वेल 44 (258), कुडाशी 16 (233), उमरपाटा  22 (191) और दहिवेल 31 (223) आदि मंडल क्षेत्रों में भी बरसात ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसके चलते खेती में कृषि कार्य जोरों से चल रहे हैं.