उद्योगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू

  • 1000 सिलेंडर अतिरिक्त हर दिन उपलब्ध होंगे
  • 866 सिलेंडर अन्य उद्योगों के लिए आरक्षित किए

नाशिक. ऑक्सीजन आपूर्ति नियंत्रण में आने के बाद उद्योगों को मांग के अनुसार प्रति दिन ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो गई है. सरकारी आस्थापना के लिए 133 सिलेंडर व उन्य उद्योगों के लिए 866 सिलेंडर आरक्षित किए गए हैं. जिले में वर्तमान में 8 ऑक्सीजन उत्पादक, आपूर्तिदार हैं.

आज से जाधव गैस कंपनी शुरू

रविवार 11 अक्टूबर से जाधव गैस कंपनी के कार्यान्वित होने से वहां से दिन में एक हजार सिलेंडर उपलब्ध होंगे. जिलाधिकारी के आदेशानुसार अधिक कर्मी व कम ऑक्सीजन मांग करने वाले उद्योगों को ऑक्सीजन शुरू की गई है. वैद्यकीय कारणों की मांग अभी प्रति दिन साढ़े तीन से चार हजार सिलेंडर हैं. उत्पादन औसतन 5 हजार सिलेंडर का होता है.

डीएम ने दिया सिलेंडर उपलब्ध कराने के आदेश

इसमें से अब 1 हजार सिलेंडर की बचत होने के कारण उद्योगों को 866 सिलेंडर प्रति दिन उपलब्ध कराने के आदेश जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के महा व्यवस्थापक तथा ऑक्सीजन आपूर्ति अधिकारी सतीश भामरे ने दिए हैं. इसके अलावा एसटी, एचएएल, समृद्धि महामार्ग, महानिर्मिति आदि सरकारी कंपनियों को 133 सिलेडर दिए गए हैं. कुल एक हजार सिलेंडर वैद्यकीय व्यतिरिक्त के उपयोग के लिए उपलब्ध किए जा रहे हैं.

मांग के अनुसार उठाए नहीं जा रहे सिलेंडर

कंपनियों के पास से प्रति दिन मांग दर्ज की जा रही है, लेकिन कंपनियों से मांग के अनुसार सभी सिलेंडर उठाए नहीं जा रहे हैं. इसलिए इसमें से कुछ सिलेंडर बच रहे हैं. रविवार 11 अक्टूबर से गोंदे में प्रति दिन 2 हजार लीटर क्षमता का जाधव गैस यह प्रकल्प कार्यान्वित हो रहा है. जहां पर प्रतिदिन 1 हजार सिलेंडर उपलब्ध होंगे. इसलिए अब ऑक्सीजन की समस्या समाप्त होने के कगार पर है.

116 कंपनियों को  866 सिलेंडर

जिला उद्योग केंद्र की सूची के अनुसार 116 कंपनियों को  866 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं. इसमें स्टिल कंपनियां भी शामिल हैं. वर्तमान में बफर स्टॉक भी पर्याप्त उपलब्ध होने की जानकारी भामरे ने दी. मुख्य 6 उत्पादकों के व्यतिरक्त निखिल गैस (350 सिलेंडर), गजानन गैस (500 सिलेंडर) यह दो बंद पड़ी कंपनियां भी इस दौरान शुरू की गई.

जिला उद्योग केंद्र का नियंत्रण

इसमें से गजानन गैस के पास 1500 सिलेंडर बकाया है. ऑक्सीजन की आपूर्ति उत्पादक कंपनी से सीधे मांग करने वाले उद्योग को आपूर्ति हो रही है. जिस पर जिला उद्योग केंद्र का नियंत्रण रखा जा रहा है.