आढ़तियों ने शुरू किया नीलामी बाजार

  • मंडी समिति के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना
  • पसोपेश की स्थिति में मंडी समिति

साक्री. तहसील की कृषि उपज मंडी समिति किसान और प्याज के आढ़ती व्यापारियों के बीच बुरी तरह फंस चुकी है. एक ओर कुछ किसानों का बकाया व्यापारियों से नहीं मिल पा रहा है, उस पर मंडी समिति भी कुछ नहीं कर पा रही है. इस कारण किसानों के हित के विरुद्ध मंडी समिति काम कर रही है ऐसा आरोप लग रहे हैं. वहीं आढ़तियों ने मंडी समिति के निर्देशों के खिलाफ किसानों के नाम पर नई नीलामी व्यवस्था शुरू कर दी है. मंडी समिति ने उक्त विषय को लेकर पिंपलनेर पुलिस स्टेशन में नई नीलामी बाजार को ‘गैरकानूनी’ करार देते हुए उसे बंद करने हेतु आवेदन दिया है.

मंडी समिति में हुए प्याज नीलामी के कारोबार में किसानों का बकाया आढ़तिये व्यापारियों द्वारा नहीं मिल पा रहा है. जिसको लेकर तहसील के प्याज उत्पादक किसानों ने मंडी समिति पर धावा बोला. समिति के सेक्रेटरी अशोक मोरे से मिलकर उन पर बकाया रकम को लेकर सवालों की बौछार कर दी. ऐसे में गरमागरम माहौल में जवाब तलब करने की कोशिश की गई. किसानों का बकाया लेकर बैठे व्यापारियों का हित देखनेवाले मंडी के अधिकारी खुद हैं, उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं  की जा रही, उनसे मिलीभगत कर उन्हें बचाया जा रहा है, जैसे आरोपों की झड़ी लगा दी थी.

मंडी समिति के नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे व्यापारी

इस दरमियान, मंडी समिति द्वारा किसानों को 24 घंटे के भीतर बैंक चेक या नकदी देने, लाइसेंस और आयकर (आईटीआर) के कागजात पेश करने, बजन-बाट पासिंग करने, नीलामी के हिसाब और मंडी शुल्क की पक्की रसीद ही वैध है, जैसे कई प्रावधान लागू किए गए. किंतु व्यापारियों ने समिति के निर्देशों की अवहेलना करते हुए कोई ध्यान नहीं दिया.

मंडी की बैठक में शामिल नहीं हुए व्यापारी

मंडी समिति द्वारा बुलाई गई मीटिंग पर भी कोई नहीं गया. परिणामस्वरूप मंडी समिति ने जहां निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है, वह पिंपलनेर का नीलामी बाजार ही बेमियादी बंद करने का ऐलान कर दिया. सोमवार से  मंडी में प्याज नीलामी बंद है. प्याज आढ़तियों ने उस पर भी अपनी अलग योजना तैयार की. जिसके तहत मंडी समिति को चुनौती देते हुए ‘प्याज उत्पादक किसान  (नीलामी) मार्केट’ नाम से नई बाजार मंडी से दूर निजी क्षेत्र में शुरू कर दी.

नई नीलामी व्यवस्था से किसानों से होगी धोखाधड़ी

आढ़तियों की निजी नीलामी व्यवस्था से किसानों की तोलाई में, 24 घंटे के भीतर पैसे मिलने में, गैरकानूनी घटत और कटती में किसानों से धोखाधड़ी होगी.

असहाय हुई मंडी समिति

उधर विगत में हुई प्याज नीलामी के कुछ कारोबार खटास पैदा किए हैं. जिसके चलते किसानों को माल आढ़तियों को देकर भी अपने प्याज के दाम नहीं मिल पाए हैं. आए दिन ये किसान अपना बकाया भुगतान को लेकर मंडी समिति के कर्मचारियों से भिड़ जाते हैं. मंडी की ओर से भुगतान नहीं करनेवाले आढ़तियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है. अब मामला चूंकि नियंत्रण से बाहर हो गया है, मंडी समिति भी असहाय हो गई है.

अब मंडी समिति द्वारा पुलिस को 30 व्यापारियों की सूची दी गई है. जिसमें केवल 4 व्यापारी ही मंडी समिति में बैठक हेतु पधारे थे. समिति द्वारा पिंपलनेर का प्याज नीलामी बाजार बंद कर दिया गया है, परंतु निजी क्षेत्र में व्यापारियों द्वारा शुरू मार्किट को बंद करने की मांग पुलिस स्टेशन को निवेदन पत्र देकर की गई है.

किसान इस लड़ाई के बीच न्यायदाता के रूप में खड़ा है. क्योंकि किसान चाहेगा तो आढ़तियों के निजी नीलामी में अपना प्याज बेचेगा या अपने फायदे हेतु मंडी की शरण में जाएगा.

व्यापारियों द्वारा शुरू की गई नई बाजार व्यवस्था से सरकार के राजस्व का नुकसान होगा. वहीं किसानों के साथ धोखाधड़ी की संभावना ज्यादा है. ऐसे में इसे बंद करने की जरूरत है.

-मंडी समिति