मूसलाधार बारिश से बर्बाद हुआ ‘सफेद सोना’

  • कपास के नुकसान का पंचनामा कर दें मुआवजा

अमलनेर. राष्ट्रवादी के शहराध्यक्ष मुक्तार खाटीक ने तहसील में तेज बारिश के चलते कपास फसल को हुए नुकसान का जल्द ही पंचनामा कर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है.

तहसील में औसतन बारिश  582.20 मिमी अपेक्षित थी, लेकिन इस बार बदरा जमकर बरसे. 771.69 मिमी बारिश होने से खेत में फसलों के ऊपर से पानी बहने से फसलें बर्बाद हो रही हैं. इससे पहले हुई जोरदार बारिश में उड़द और मूंग की फसल भी बर्बाद हो चुकी है. लेकिन अभी किसानों को सफेद सोना यानी कपास से उमीदें बंधी थीं लेकिन जोरदार बारिश होने के कारण काफ़ी फसलों का नुकसान पहुंचा है.

फसलों के ऊपर से बह रहा था पानी

खाली भूखंडों खेतों में पानी थमा है. जंगलों में नहरें नालियों की भांति बह रही हैं. बारिश ने अंतुर्ली, रंजाने शिवार में कपास के फूलों को सड़ा दिया. गलकर नीचे गिर चुके सफेद कपास काला पड़ चुका  है. इस बार किसानों को हाथ पर हाथ धरे बैठने की नौबत मौसम की बेरुखी के कारण आ चुकी है. किसानों के नुकसान को देखते हुए तहसील को गीला आकाल घोषित करें, किसानों के खेत के पंचनामे कर उन्हें आर्थिक मदद सरकार दें. इस तरह की मांग राष्ट्रवादी के शहराध्यक्ष मुक्तार खाटीक ने राज्य सरकार से की है.