तृप्ति देसाई को शिर्डी में पैर नहीं रखने देंगे : ब्राह्मण महासंघ

शिर्डी. शिर्डी के साईं मंदिर में दर्शन के लिए जाते समय भारतीय पोषाक पहनने की अपील संस्थान ने भक्तों से की है. महिलाएं वेस्टर्न ड्रेस पहनकर मंदिर में नहीं जा सकती, ऐसी घोषणा साईं मंदिर संस्थान की ओर से पिछले दिनों की गई है. इस घोषणा का एक बड़ा सूचना फलक भी मंदिर के बाहरी परिसर में लगा दिया गया है. किंतु संस्थान के इस निर्णय ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है.

तृप्ति देसाई ने 10 दिसंबर को शिर्डी आकर वह बोर्ड हटाने की चेतावनी मंदिर संस्थान को दी है, जिस पर ब्राह्मण महासंघ आक्रमक हो गया है. संघ ने संस्थान के निर्णय का स्वागत करते हुए तृप्ति देसाई के जवाब में शिर्डी आकर बोर्ड पर पुष्पहार अर्पण करके पूजा करने की ठान ली है. महासंघ ने कहा कि तृप्ति देसाई केवल प्रचार पाने के लिए ऐसे स्टंट कर रही है, उसे बोर्ड को हाथ भी लगाने देंगे और उन्हें शिर्डी में दाखिल ही नहीं होने दिया जाएगा, ऐसा इशारा ब्राह्मण महासंघ ने दिया है.

भारतीय संस्कृति के अनुसार कपड़े पहनने का संस्थान की ओर से किया गया आह्वान स्वागत योग्य है, कोई भी कानून हाथ में न ले अन्यथा उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा. यह घोषणा ब्राह्मण महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष आनंद दवे ने अपने बयान में की है. संस्थान केवल घोषणा न करते हुए सख्ती बरते और नियमों को पालन न करने वाले भाविकों पर कार्रवाई करे. ऐसे लोगों को संस्थान से बाहर निकाले, ऐसी मांग भी ब्राह्मण महासंघ ने की है.