कोविड – 19 के दौर में देवी मां के प्रसिद्ध चमत्कारी मंदिरों का ऐसा है माहौल

नवरात्रि के शुभ मौके पर माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है।भक्तजन माता रानी के दर्शन करने माता के मंदिर जाते हैं। इस दौरान माता रानी के मंदिर में बहुत भीड़ भी देखी जाती है। भारत में माता के ऐसे बहुत से मंदिर हैं जो अद्भुत और चमत्कारी हैं। तो आइए जानते हैं माता के मंदिरों के बारे में…

झंडेवालान मंदिर- दिल्ली

झंडेवालान मंदिर एक प्राचीन हिन्दू मंदिर है, जो झंडेवाली माता को समर्पित है। यह मंदिर झंडेवालान रोड, करोल बाग, दिल्ली में स्थित है। मंदिर में सालभर भक्तों की भीड़ देखी जाती है, लेकिन नवरात्रि के अवसर यहां बहुत अधिक मात्रा में लोग आते हैं। यह मंदिर देवी शक्ति का प्रतिक है। 

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि, झंडेवालान मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित था। फिर जब इस जगह पर खुदाई हुई तो ज़मीन के निचे से माता की मूर्ति पाई गई, बाद में यहां मंदिर बनाया गया। माता की मूल मूर्ति मंदिर के निचले स्तर पर स्थित है। 

हांलाकि, कोरोना ने झंडेवालान मंदिर का नज़ारा बदल दिया है। मंदिर में भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही बिना मास्क के अनुमति नहीं दी जा रही है। 

अलोप शंकरी देवी मंदिर- प्रयागराज 

संगम नगरी, माँ का एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां माता की किसी भी मूर्ती की पूजा नहीं की जाती है। यह मंदिर देशभर में अलोप शंकरी देवी मंदिर के नाम से मशहूर है। यह 52 शक्तिपीठों में से एक है। यहां श्रद्धालु कुंड पर लगे पालने (झूले) का ही दर्शन कर पूजन करते हैं। आस्था के इस अनूठे केंद्र में लोग कुंड से जल लेकर उसे पालने में चढ़ाते हैं और उसकी परिक्रमा कर देवी से आशीर्वाद लेते हैं।

इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि शिव की अर्धांगिनी माता सती के दाहिने हाथ का पंजा गिरकर अदृश्य (अलोप) हो गया था, इसी वजह से इस सिद्धपीठ को अलोप शंकरी नाम से जाना जाता है। यहां माता के प्रतीक के रूप मे एक पालना रख दिया गया है। मान्यता है कि यहां पैर या हाथ में रक्षा सूत्र बांधकर मांगने वालों की हर कामना पूरी होती है।

वहीं कोरोना काल में देखा जा रहा है कि प्रयागराज में दुर्गा माँ के पंडाल में इस महामारी से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। पूजा समिति के एक सदस्य कहते हैं, “हम सभी COVID प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। हमने अनुमेय सीमा से परे भीड़ से बचने के लिए उपाय किए हैं। थर्मल स्कैनिंग से भक्तजनों की जाँच भी की जाएगी।”