इनसे क्या रखें आशा नेताओं का नाइट कर्फ्यू में तमाशा

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, (Nishanebaaz) कितने ही नेता खुद को नियम-कानून से ऊपर समझते हैं और जानबूझकर स्वेच्छाचार व उद्दंडता दिखाते हैं. कोरोना (Coronavirus) की जानलेवा आपदा में भी उनकी मनमानी कम नहीं होती. वे सरकारी आदेशों व गाइडलाइन को पैरों तले रौंदते हुए तमाशा करने से बाज नहीं आते. जनप्रतिनिधियों का ऐसा आचरण विस्मयजनक ही नहीं, बल्कि अत्यंत निंदनीय है.’’ हमने कहा, ‘‘आप किसकी बात कर रहे हैं, यह भी तो बताइए. यह समय सतर्क रहने का है, मौजमस्ती करने का तो बिल्कुल भी नहीं!’’

    पड़ोसी ने कहा, बिहार के हाजीपुर(Hajipur) की खबर है कि नाइट कर्फ्यू लगा होने के बावजूद लालगंज के पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला ने (Munna Shukla) अपने भतीजे के उपनयन संस्कार के दौरान 200 से ज्यादा लोगों का मजमा एकत्र किया और वहां भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री अक्षरा सिंह का डान्स करवाया. पूर्व विधायक के बॉडीगार्ड ने खुशी के मौके पर हवा में फायरिंग भी की. यूपी-बिहार में ऐसी ‘हर्ष फायरिंग’ का रिवाज है. इसी तरह राजस्थान में भी कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) की जमकर धज्जियां उड़ीं. भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक राजकुमार रोत का डूंगरपुर जिले के कुशालमगरी गांव में विवाह हुआ जिसमें 50 से अधिक लोग शामिल हुए.

    अधिकांश लोगों ने मास्क नहीं लगा रखा था. सामूहिक भोज का आयोजन भी हुआ. समारोह स्थल को सैनिटाइज नहीं किया गया था और सोशल डिस्टेंसिंग को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया. नियमों का उल्लंघन करते हुए बैंडबाजे के साथ बारात निकली. आदिवासी परंपरा के मुताबिक ढोल-मंजीरा भी बजाए गए. शादी-ब्याह की मस्ती में सभी कोरोना को भूल गए.’’ हमने कहा, ‘‘जब नेता ऐसा आचरण करेंगे तो जनता भी वैसा करेगी. लोगों को राह दिखाने वाले ही पूरी तरह गुमराह हो गए हैं.’’