न कहीं भटके, न भूली राह, अब UP चुनाव की गोटी बिछा रहे मोदी-शाह

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी पर बहुत तंज कसने लगे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे समय जब देश कोरोना महामारी का सामना कर रहा है तब टीके, ऑक्सीजन और दवाइयों के साथ प्रधानमंत्री भी गायब हैं. अगर कुछ बचा है तो बस सेंट्रल विस्टा, दवाओं पर जीएसटी और यहां-वहां पीएम के फोटो!’’ राहुल की इस टिप्पणी पर आपकी क्या राय है?’’ हमने कहा, ‘‘ढूंढने से तो भगवान भी मिल जाते हैं. मोदी कहीं गए नहीं हैं, वे हर बीजेपी कार्यकर्ता के मन में हैं. वे जिस दिन चाहेंगे, मन की बात के साथ टीवी पर प्रकट हो जाएंगे. राहुल को श्रद्धा और सबूरी रखनी चाहिए. सब्र का फल हमेशा मीठा होता है.’’ 

    पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, गायब सिर्फ मोदी नहीं हैं, बल्कि गृहमंत्री अमित शाह भी गुमशुदा हैं. एनएसयूआई के महासचिव नागेश करियप्पा ने शाह के लापता होने की शिकायत दिल्ली में दर्ज करवाई है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में देश के शीर्ष 2 जिम्मेदार नेता गायब हैं. जब देश के लोगों को अपने चुने हुए प्रतिनिधियों की जरूरत होती है तब वे लोग गायब हो जाते हैं.’’ हमने कहा, ‘‘इन नेताओं ने चुनाव रूपी महायुद्ध लड़ा. बंगाल के मोर्चे पर मोदी और अमित शाह जी-जान लगाकर भिड़े थे. उन्हें थोड़ा सुस्ताने दीजिए, फिर वे हमेशा की तरह अपने काम में लग जाएंगे.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, उन्हें पता है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी भी आने वाली है.

    ऑक्सीजन और वैक्सीन की व्यवस्था करवानी है तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मुस्तैद करना है. देशवासियों की हिम्मत भी बढ़ानी है.’’ हमने कहा, ‘‘वह सब तो होता ही रहेगा. अब मोदी और शाह को अगले वर्ष होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी करनी है. उनकी पार्टी हमेशा इलेक्शन मोड में रहती है. किसी भी चुनाव के लिए वह पहले से रणनीति तैयार करने में लग जाती है. इस पार्टी का लक्ष्य कोरोना से निपटना नहीं, बल्कि विपक्ष का सफाया करना है. एक चुनाव खत्म नहीं हुआ कि उसके नेता-कार्यकर्ता अगले चुनाव की तैयारियों में तुरंत भिड़ जाते हैं.’’