महंगे किराए से तेजस बंद बुलेट ट्रेन का किराया कैसे देंगे

पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज (Nishanebaaz), अपने यहां अच्छी चीज लोगों को पसंद नहीं आती. वे अपना स्टैंडर्ड अपग्रेड करना नहीं चाहते. अब देखिए न, तेजस (Tejas) जैसी प्राइवेट सेक्टर की शानदार ट्रेन के लिए यात्री नहीं मिल रहे हैं. इस वजह से इस बढ़िया और सर्वसुविधायुक्त लग्जरी ट्रेन को यार्ड में खड़ा करने का फैसला करना पड़ा.’’ हमने कहा, ‘‘जब यात्रियों की जेब का ख्याल नहीं रखा जाए तो ऐसा होना स्वाभाविक है. ट्रेन में सफर करने वाले हवाईजहाज का किराया थोड़े ही देंगे! पहले कुछ लोगों ने नया अनुभव लेने और सुविधाओं को महसूस करने के लिहाज से तेजस में सफर किया होगा. उन्हें समझ में आ गया कि विदेशी ट्रेनों जैसी यह ट्रेन कितनी उम्दा है. फिर वे किफायत का विचार कर पुरानी और परंपरागत सरकारी ट्रेनों की ओर लौट गए होंगे.

कोई बार-बार लग्जरी ट्रेन पर खर्च क्यों करे! इसके अलावा कोरोना काल में ट्रेनें बंद भी तो थीं.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, लोगों की मानसिकता में सुधार होना चाहिए. जीवन का मजा सुविधा और शान से जीने में है. चार दिन की जिंदगी में कंजूसी क्यों होनी चाहिए. दिल खोलकर खर्च करो, जियो जी भर के!  इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन लि. की तेजस ट्रेन का यह हाल है कि अपनी 130 करोड़ की आबादी वाले देश में उसके लिए 23 नवंबर से 25 से 30 सीटों की ही बुकिंग हो रही है.’’ हमने कहा, ‘‘यह रेलवे के लिए सबक सीखने जैसी बात है. जब लोग तेजस का किराया नहीं दे सकते तो सरकार की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन का किराया कैसे देंगे? प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे (Shinzo abe) के बीच बुलेट ट्रेन(Bullet train)के लिए समझौता हुआ था. यह ट्रेन दिल्ली से मुंबई के बीच चलेगी.

इतनी लंबी दूरी सिर्फ 4-5 घंटे में तय कर लेगी. इसके लिए जापान ने बहुत सस्ती ब्याज दर पर लोन भी दिया है. जब तेजस को पैसेंजरों का टोटा हो गया है तो और भी महंगे किराए की बुलेट ट्रेन को यात्री कैसे मिल पाएंगे? जिसे जाने की बहुत जल्दी हो, वह फ्लाइट से 2 घंटे में पहुंच सकता है, फिर बुलेट ट्रेन में क्यों बैठेगा?’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, वैसे तो पैलेस ऑन व्हील जैसी लग्जरी ट्रेन का इस्तेमाल राजस्थान घूमने वाले विदेशी पर्यटक ही करते हैं. अधिकांश भारतीय अपने खर्च की प्राथमिकता तय करके चलते हैं. वे व्यर्थ में पैसा नहीं लुटाते. इसीलिए तेजस का तेज लुप्त हो गया. कहीं बुलेट ट्रेन भी खाली कारतूस साबित न हो!’’