मुख्तार की नहीं पलटी गाड़ी यूपी की बांदा जेल में रहने की लाचारी

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, (Nishanebaaz) आखिर यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की गाड़ी नहीं पलटी. पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल तक गाड़ी सही-सलामत पहुंच गई.’’ हमने कहा, ‘‘आखिर आप ऐसा क्यों सोचते हैं कि हर दबंग माफिया की गाड़ी रास्ते में पलट जाएगी, फिर वह पुलिस की गन छीनकर भागने की कोशिश करेगा और इसके बाद उसका एनकाउंटर हो जाएगा!’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, मुख्तार अंसारी की बीवी अफशां ने आशंका जताई थी कि मुख्तार को फर्जी एनकाउंटर में मारने की साजिश रची जा सकती है.

    उसे डर था कि कहीं अंसारी का कानपुर जिले के बिकरू गांव के विकास दुबे (Vikas Dubey) जैसा हाल न हो!’’ हमने कहा, ‘‘योगी सरकार वक्त की नजाकत  समझती है. यह समय गाड़ी के पलटने या पलटाए जाने का नहीं था. उत्तरप्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है तथा विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में भी एक वर्ष से कम का समय बचा है. यूपी के पूर्वांचल में योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ कानून का शिकंजा कसा और उसे पंजाब से यूपी लाकर यह संदेश दिया कि वह कानून का राज स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध है. जरूरी नहीं है कि किसी खूंखार प्राणी का शिकार किया जाए, बल्कि उसे लाकर पिंजरे में भी तो रखा जा सकता है.’’

    पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, मुख्तार अंसारी कानूनी दांव-पेंच के सहारे पंजाब में शरण लिए हुए था और खुद को वहां की रोपड़ जेल में सुरक्षित महसूस कर रहा था. योगी सरकार के प्रयास और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे उत्तरप्रदेश लाया गया.’’ हमने कहा, ‘‘इससे योगी सरकार की साख बढ़ी है. प्रदेश की जनता ने 2017 में बीजेपी को प्रचंड बहुमत इसलिए दिया था क्योंकि पिछली बसपा-सपा सरकारों के दौरान बढ़े हुए अपराधीकरण व भ्रष्टाचार से वह त्रस्त हो चुकी थी. योगी के शासन में या तो खूंखार अपराधी ठोक दिए गए या जेल में डाल दिए गए. अब अंसारी के सामने भी लाचारी के सिवा कुछ नहीं रह गया.’’