धोखाधड़ी का किया खेल बापू की पड़पोती को जाना पड़ा जेल

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, बापू की आत्मा को कितना कष्ट हो रहा होगा कि दक्षिण अफ्रीका में उनकी पड़पोती लता रामगोबिन को 3.22 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने पर 7 वर्ष कारावास की सजा हो गई. उसने एक उद्योगपति से पैसा लिया लेकिन माल नहीं दिया. वंशजों को अपने पूर्वजों का आदर्श ग्रहण करना चाहिए लेकिन लोभ में पड़कर लता ने पुरखों का नाम डुबो दिया.’’ हमने कहा, ‘‘कोई जरूरी नहीं है कि किसी महात्मा के वंशज उतने ही सदगुणी और सिद्धांतवादी हों. संत कबीरदास ने भी अपने बेटे कमाल के आचरण से क्षुब्ध होकर कहा था- बूड़ा वंश कबीर का, उपजा पूत कमाल.

    जहां तक महात्मा गांधी की बात है, उनका वंश काफी बड़ा है. उनके 4 बेटे हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास थे. उनकी भी संतानें होती रहीं, फिर चौथी पीढ़ी तो और भी बढ़ गई होगी. बापू के एक पौत्र थे राजमोहन गांधी, जिन्होंने मॉरल रिआर्मामेंट मूवमेंट या नैतिक पुनरुत्थान आंदोलन चलाया था. एक अन्य पौत्र गोपालकृष्ण गांधी बंगाल के राज्यपाल रहे. भारत से लेकर दक्षिण अफ्रीका तक महात्मा गांधी के वंशज फैले हुए हैं.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह के अलावा अस्तेय व अपरिग्रह की सीख भी दी थी. अस्तेय का अर्थ है चोरी नहीं करना तथा अपरिग्रह का अर्थ है, अत्यंत सीमित साधनों में गुजर-बसर करते हुए दूसरे की किसी भी चीज का लालच नहीं करना तथा आवश्यकता से अधिक का दान न लेना.

    बापू की पड़पोती लता रामगोविन यदि इन आदर्शों को अपनाती तो उसे फ्रॉड के मामले में जेल जाने की नौबत नहीं आती.’’ हमने कहा, ‘‘बापू के आदर्श बापू के साथ चले गए. उनके जीवनकाल में भी लोगों ने उनकी बात सुनना बंद कर दिया था. महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस का लक्ष्य देश को आजादी दिलाने के साथ पूरा हो गया, अब इसे विसर्जित कर सर्व सेवा संघ बना दिया जाए. कांग्रेसजनों ने यह बात नहीं मानी और कांग्रेस को राजनीतिक पार्टी के रूप में कायम रखा ताकि उसके जरिए सत्तारूढ़ रहा जा सके. पूर्वजों की तस्वीर पर हार पहनाने वाले उनके सिद्धांतों पर चलना जरूरी नहीं समझते.’’