nishanebaaz-Propaganda in Bengal, bombardment of words, will now cross

8 चरणों में चुनाव होते-होते न जाने टीएमसी और बीजेपी में कितनी गरमा-गरमी हो जाएगी.

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, बंगाल के चुनाव के दूसरे चरण के लिए धुआंधार प्रचार जारी है. नेताओं के बयानों में शुरू से ही शब्दबाणों की बौछार दिखाई दे रही है. मौसम पहले ही गरम हो रहा है. 8 चरणों में चुनाव होते-होते न जाने टीएमसी और बीजेपी में कितनी गरमा-गरमी हो जाएगी.’’

    हमने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी की काफी खिंचाई की तो दीदी ने भी उन्हें वैसा ही तीखा जवाब दिया. जब मोदी ने कहा कि दीदी की स्कूटी ने नंदीग्राम में गिरना तय किया है तो हम क्या करें? इस पर ममता ने कहा कि मैंने कभी ऐसा पीएम नहीं देखा जो इतना झूठ बोलता है. झूठ बोले कौआ काटे! पहले दिल्ली संभालो, फिर बंगाल देखना! मैं अपना नाम भूल सकती हूं पर नंदीग्राम को कभी नहीं भूलूंगी. ममता को चुनौती देनेवाले शुभेंदु अधिकारी ने भविष्यवक्ता के अंदाज में कहा कि 2 मई को दीदी हारेंगी और नंदीग्राम छोड़ देंगी.’’

    पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता पर फिकरा कसते हुए कहा कि पैर में पट्टी बांधकर चुनाव नहीं जीता जा सकता. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रचार के दौरान ममता की पार्टी की नई व्याख्या करते हुए कहा कि टीएमसी का मतलब है- टेरर, मर्डर और करप्शन! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह देखकर अच्छा लगा कि ममता दुर्गा स्तुति कर रही हैं. इसके पहले मूर्ति स्थापना के लिए कोर्ट से मंजूरी लेनी पड़ती थी.’’

    हमने कहा, ‘‘ममता ने बंगाल के अभिमान पर जोर देते हुए कहा कि बाहर के लोगों को यहां की जनता स्वीकार नहीं करेगी. वे बार-बार चुनौती दे रही हैं कि खेला होबे. ममता ने खुद को बंगाल की बेटी बताकर टीएमसी के लिए वोट मांगे तो बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि जनता सोचे कि किस बेटी को वोट देना है, जिसने राज्य में बीजेपी नेताओं की हत्या करवाई? इन्हीं आरोप-प्रत्यारोप के चलते बंगाल के चुनाव पर सबसे ज्यादा फोकस बना हुआ है.’’