विरोध के नाम पर किसानों की गुंडागर्दी, भाजपा विधायक को सरेआम पीटा, फाड़े कपडे

    चंडीगढ़: कृषि कानूनों (Agriculture Bill) को लेकर विरोध कर  रहे किसान संगठन (Farmer Organizations) अब गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। शनिवार को मलोट शहर (Malota City) में प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने अबोहर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) के विधायक अरुण नारंग (MLA Arun Narang) पर हमला कर दिया और बीच सड़क पर उनकी पिटाई  कर दी। यहीं नहीं किसानों ने उनके कपडे फाड़ दिए साथ ही उनके मुँह पर कालिख भी पोत दी। 

    दरअसल, विधायक नारंग शनिवार को पंजाब सरकार (Punjab Government) के विरोध में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करने पहुंचे थे। जैसे ही वह वहां पहुंचे पहले से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनपर हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें बचाया। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 

    प्लान बनाकर किया हमला

    प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्लान बनाकर इस घटना को अंजाम दिया है। मिली जानकारी के अनुसार उपद्रवी पहले ही भाजपा कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में मौजूद थे। जैसे ही विधायक जिला अध्यक्ष पठेला गोरा के साथ वहां पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

    वहीं नारंग जैसे ही प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए आगे आए, सभी ने उन पर हमला कर दिया। भीड़ के सामने वहां मौजूद पुलिस पूरी तरह बेबस नजर आई। इस दौरान हमलावरों ने उनकी गाड़ी ने उनपर कालिख पोत दी। 

    विधायक को किया नग्न 

    पुलिस जैसे-जैसे उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे, उपद्रवी और उग्र हो गए। उन्होंने विधायक को पकड़ा और उनके कपडे फाड़ दिए कर नग्न कर दिया। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें दूकान के अंदर ले जाकर उनकी जान बचाई। वहीं थोड़ी देर बाद पुलिस उन्हें निकालने की कोशिश करने लगी तो उपद्रवियों ने फिर हमला बोल दिया। जिसके बाद दूर ले जाकर पुलिस ने उन्हें कपडे पहनाए। हमलावरों ने विधायक की गाडी पर भाजपा और उसके नेताओं के लिए कई अपशब्द भी लिखे। 

    भाजपा दफ्तर में की तोड़फोड़ और आगजनी

    उपद्रवियों ने प्रदर्शन के नाम पर खूब तांडव मचाया। विधायक पर हमले के बाद भाजपा कार्यालय में फोड़फोड़ और आगजनी की। वहां लगे भाजपा के झंडे, कुर्सियां सहित सभी को तोड़ कर उन्हें जला दिया। भारी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में जिस तरह एक विधायक के साथ ऐसा किया गया, उससे पुलिस पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।