अकाली का राहुल गांधी पर निशाना, कहा – सदन में अपनी जिम्मेदारी निभाते तो मुसीबत खड़ी नहीं होती

चंडीगढ़: किसानों (Farmers) का कृषि क़ानूनों (Agriculture Bill) को लेकर शुरू आंदोलन 14 वे दिन भी शुरू है. किसानों को इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत पांच विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) से मुलाकात की है. किसान कानून को राष्ट्रपति से मुलाकात करने को लेकर शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) ने राहुल गांधी पर हमला  बोला है. पार्टी नेता दिलजीत सिंह चीमा (Diljit Singh Chima) ने कहा, “सदन में अपनी जिम्मेदारी निभाते तो मुसीबत खड़ी नहीं होती।”

अकाली नेता ने कहा, “बड़ी निराशाजनक बात है कि इतने दिनों के बाद भी ये मसला हल नहीं हो पाया। बातचीत का माहौल तब बन पाएगा जब भारत सरकार तीनों कानून रोक देती है। उसी वक्त शांति हो जाएगी। फिर जब सार्थक माहौल होगा तब सरकार आराम से बैठकें कर बातचीत कर सकती है।”  

कांग्रेस के दोगलेपन पर किसान को नहीं भरोसा 

राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, “अगर राज्यसभा और लोकसभा में वो अपनी जिम्मेदारी निभाते तो ये मुसीबत खड़ी नहीं होती। तब वो चुप थे क्योंकि 2019 में उनके मैनिफेस्टों में APMC वापिस लेने की बात थी। पार्टियों के इसी दोगलेपन के कारण किसान किसी पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।”   

ज्ञात हो कि कृषि कानूनों (Agriculture Bill) को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर बुधवार को पांच विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) से मुलाकात की। इस दौरान सभी नेताओं ने तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेने के लिए ज्ञापन दिया।

राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए गए नेताओं में कांग्रेस (Congress) के राहुल गांधी(Rahul Gandhi), एनसीपी (NCP) के शरद पवार(Sharad Pawar), सीपीआई (CPI) के डी.राजा(D. Raja), सीपीआई-एम (CPI-M) के सीताराम येचुरी (Sitaram Yechuri) और डीएमके (DMK) के टी.के.एस.ईलनगोवन (T.k.s. Elangovan) शामिल थे।