solar eclipse
Representational pic

नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल स्थित आर्यभटट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) में रविवार को वलयाकार सूर्य ग्रहण का अदभुत नजारा देखा गया। नैनीताल में आकाश में छाये बादलों के कारण सूर्यग्रहण को देखने में जब बाधा पड़ी तो एरीज ने दर्शकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की। संस्थान द्वारा सोशल मीडिया के जरिए किए गये इन प्रयासों की काफी सराहना हुई।

एरीज ने इस ऐतिहासिक सूर्य ग्रहण को लद्दाख के हेनले भारतीय खगोलीय वेधशाला में स्थापित सौर दूरबीन की मदद से दिखाया। ये दोनों वेधशालाएं सहयोगी संस्थान हैं । संस्थान के निदेशक प्रोफेसर दीपंकर बनर्जी ने इस खगोलीय घटना के सजीव प्रसारण के लिए इंतजाम किए।

प्रोफेसर बनर्जी ने कहा कि रविवार को नैनीताल में साफ मौसम नहीं होने के कारण सौर दूरबीन की मदद ली गयी। इस व्यवस्था को जूम ऐप के जरिए आयोजित किया गया, जहां देश भर के वैज्ञानिकों को सूर्यग्रहण पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया। रविवार की सुबह से ही देश भर के दर्जनों वैज्ञानिक इस खगोलीय घटना पर वेबिनार के जरिए चर्चा करते रहे। इसी के साथ, तीन हजार से ज्यादा लोगों ने फेसबुक और यूट्यूब के जरिए सूर्य ग्रहण को देखा। (एजेंसी)