Nitish Kumar
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पटना. बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) का प्रचार चरम पर है। सभी प्रत्याशी जनता को बिहार में विकास के सपने दिखा रहे हैं। ऐसे में बिहार में किसकी सरकार बनेगी इस पर सबकी नज़र बनी हुई है। वहीं अगर CSDS-लोकनीति के ओपिनियन पोल (CSDS Lokniti Opinion Poll) की माने तो बिहार की जनता नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को फिर से मुख्यमंत्री (CM) के रूप में देखना चाहती हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक गठबंधन को सत्ता के लिए जरुरी 122 सीटों में से 11 से 21 अतिरिक्त सीटें मिल सकती है। 

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के तहत जदयू (JDU), भाजपा (BJP), वीआईपी (VIP) और हम (HAM) हैं, जबकि महागठबंधन में राजद (RJD), कांग्रेस (Congress) और वामदल शामिल हैं।

ओपिनियन पोल के मुताबिक, नीतीश के एनडीए गठबंधन को 38 प्रतिशत और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के महागठबंधन को 32 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। वहीं 6 दलों वाले गठबंधन ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्यूलर फ्रंट (GDSF) को 7 प्रतिशत, जबकि चिराग पासवान (Chirag Paswan) की लोकजनशक्ति पार्टी (LJP) को 6 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो नितीश कुमार का इस चुनाव में पलड़ा भारी है।

133 से 143 सीटों के साथ बन सकती है एनडीए की सरकार

243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए 133-143 सीटें हासिल कर सकती है। तेजस्वी के महागठबंधन को 88 से 98 सीटें मिल सकती हैं। चिराग की एलजेपी 2-6 सीटें ही जीत सकती है। बता दें कि बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। यानी बिहार में एनडीए की सरकार बन सकती है।

मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश लोगों की पहली पसंद, तेजस्वी की बढ़ी लोकप्रियता

ओपिनियन पोल के मुताबिक 31 प्रतिशत लोग नीतीश कुमार को फिरसे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते है। जिसमें से 55 फीसदी भाजपा समर्थकों और 93 प्रतिशत जदयू समर्थकों ने नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है। वहीं तेजस्वी यादव की भी लोकप्रियता बढ़ी है। उन्हें 27 प्रतिशत लोग मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते है। जबकि लोजपा प्रमुख चिराग पासवान को 5 प्रतिशत और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को 4 प्रतिशत लोग मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

2020 के इस ओपिनियन पोल में 52 फीसदी लोग नीतीश सरकार के कामकाज से संतुष्ट दिखे। जबकि 2015 में 80 प्रतिशत लोग नीतीश सरकार के कामकाज से संतुष्ट थे। 2015 में सिर्फ 18 प्रतिशत लोग ही नीतीश सरकार से नाखुश थे लेकिन 2020 के ओपिनियन पोल में नीतीश से नाखुश लोगों का प्रतिशत 44 हो गया है।

चुनावी मुद्दा

CSDS-लोकनीति के ओपिनियन पोल में लोगों ने विकास और बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है। 29 फीसदी लोगों ने माना कि विकास चुनावी मुद्दा होना चाहिए। 20 फीसदी लोग बेरोजगारी, 11 फीसदी महंगाई, 6 फीसदी गरीबी और 7 फीसदी लोगों ने शिक्षा को चुनावी मुद्दा माना।  

37 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ सर्वे

CSDS-लोकनीति ओपिनियन पोल में 37 विधानसभा सीटों के 148 बूथों को कवर किया गया, जिनमें से 3731 लोगों से बात की गई। यह सर्वे 10 से 17 अक्टूबर के बीच किया गया है। जिसमें 60 प्रतिशत पुरुष और 40 प्रतिशत महिला मतदाताओं से बात की गई। पृष्ठभूमि की बात करें तो 90 फीसदी सैंपल ग्रामीण इलाकों से और 10 फीसदी शहरी इलाकों के लोगों से बात की गई। पोल में हर आयुवर्ग के लोगों को शामिल किया गया। सैंपल में 16 फीसदी सवर्ण, 51 फीसदी ओबीसी, 18 फीसदी एससी और 14 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं को भी शामिल किया गया था।