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जयपुर. कांग्रेस के के. सी. वेणुगोपाल व नीरज डांगी तथा भाजपा के राजेंद्र गहलोत राजस्थान से राज्यसभा के नये सदस्य होंगे। राज्य से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए शुक्रवार को हुए द्विवार्षिक चुनाव में इन तीनों ने जीत दर्ज की। भाजपा के दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत थे जो चुनाव हार गए।

परिणाम के अनुसार कांग्रेस के वेणुगोपाल को 64 व नीरज डांगी को 59 मत मिले। वहीं भाजपा के राजेंद्र गहलोत को 54 मत मिले जबकि हारे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत के खाते में 20 मत आए। भाजपा का एक मत खारिज हो गया। राज्य विधानसभा में कुल 200 विधायकों में से कांग्रेस के पास 107 विधायक व भाजपा के पास 72 विधायक हैं। राज्य के 13 में से 12 निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी कांग्रेस को है।

राज्यसभा चुनाव में भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो विधायकों व माकपा के एक विधायक ने भी कांग्रेस के प्रत्याशियों का समर्थन किया। कुल 200 में से 198 वोट पड़े। कांग्रेस के मास्टर भंवर लाल मेघवाल गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती हैं, वहीं माकपा के गिरधारी लाल भी तबीयत खराब होने के कारण मतदान करने नहीं आए। राजस्थान से राज्यसभा के लिये कुल 10 सीटें हैं। आज के चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की सात सीटें व कांग्रेस की तीन सीटें हो गयी हैं। कांग्रेस की ओर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी राज्यसभा में भेजे गए हैं। सिंह पिछले वर्ष भाजपा के मदन लाल सैनी के निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर निर्विरोध चुने गये थे।

कांग्रेस ने पिछले साल अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को यहां से राज्यसभा के लिए चुना था। भाजपा के राज्यसभा सदस्य विजय गोयल, नारायण पंचारिया व रामनारायण डूडी का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होने के बाद यह चुनाव हुए हैं। ये चुनाव पहले 26 मार्च को होना था। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण महामारी को देखते हुए इसे टाल दिया गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के प्रत्याशियों की जीत पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि हमने एकजुट होकर धन की ताकत के आधार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने वाली ताकतों को हराया है।

राज्यसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद उन्होंने कहा, ‘’हमें खुशी है कि हमने एकजुट होकर धन की ताकत के आधार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने वाली ताकतों को हराने की सुनिश्चिता की।” उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की नेता सोनिया गांधी के नेतृत्व में विचारधारा, नीतियों और कार्यक्रमों की जीत है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में प्रजातंत्र जीता और षड्यंत्र हारा है।

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘ यह एक सबक है भारतीय जनता पार्टी के लिये, यह एक सबक है अमित शाह, जे पी नड्डा, राजस्थान की भाजपा के उन सब नेताओं के लिये जो जनता के द्वारा नकार दिये जाने के बावजूद अल्पमत को बहुमत में बदलने का षड्यंत्र कर रहे थे। प्रजातंत्र जीता और षडयंत्र तंत्र हारा।’ वहीं मतदान के दौरान विधायक वाजिब अली ने पीपीई किट पहनकर मतदान किया। दरअसल नगर सीट से विधायक वाजिब अली हाल ही में आस्ट्रेलिया से लौटे थे। सुबह जब वे वोट डालने विधानसभा में आए तो उन्हें मत पत्र दे दिया गया। लेकिन इसी बीच भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने आपत्ति जताई कि विधायक एक ही दिन पहले विदेश से लौटे हैं।

इस पर निर्वाचन अधिकारी ने उनका मतपत्र ले लिया। इसके बाद उन्होंने पीपीई किट पहनकर अपना मत डाला। इस बीच विधायक के खिलाफ कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में गृह मंत्रालय व स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन नहीं करने की शिकायत पुलिस में की गयी है। पुलिस ने कहा है कि उसे शिकायत मिली है जिसकी जांच की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इन चुनावों को लेकर राज्य में कांग्रेस व भाजपा में काफी बयानबाजी भी हुई। कांग्रेस की ओर से विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के आरोप लगाए गए और इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो व विशेष कार्यबल एसओजी में की गयी। दोनों पार्टियों ने अपने व समर्थक विधायकों को यहां होटलों में रुकवाया हुआ था जहां से वे अलग अलग बसों से विधानसभा में मतदान करने पहुंचे। (एजेंसी)