shekhawat

    जयपुर: कांग्रेस (Congress) ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) पर राजस्थान सरकार (Rajsthan Government) को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। बुधवार को फ़ोन टेप मामले पर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा तलब किए जाने पर राज्य विधानसभा ने कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी (Mahesh Joshi) ने ने कहा, “एक चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र एस शेखावत मुख्य पात्र निकले। पीएम को इस्तीफा मांगना चाहिए था या उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”

    जोशी ने कहा, “उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पीएम और एचएम ने उसे बचाने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को दे दी। इसलिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। गजेंद्र सिंह शेखावत की जांच होनी चाहिए थी।”

    शेखावत ने फोन टेपिंग मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेषाधिकारी लोकेश शर्मा एवं अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और गैरकानूनी तरीके से टेलीग्राफिक सिग्नल (टेलीफोनिक बातचीत) को इंटरसेप्ट करने को लेकर शिकायत 25 मार्च को दर्ज करवाई थी जिसके आधार पर एक मामला दर्ज किया गया। शर्मा ने इस एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में अर्जी लगायी थी। इस पर अदालत ने अपराध शाखा से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने को कहा और मामले में अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।

    शर्मा ने फोन टेपिंग में संलिप्तता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने तो केवल सोशल मीडिया पर उपलब्ध क्लिप को फारवर्ड किया था ताकि कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र का खुलासा हो। जोशी ने इन आडियो क्लिप के आधार पर ही राजस्थान पुलिस के विशेष कार्यबल एसओजी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करवाई थीं। कांग्रेस नेताओं के आरोपों के अनुसार ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर गजेंद्र सिंह एवं एक कांग्रेस नेता की बातचीत है। हालांकि प्राथमिकी में यह नहीं कहा गया है कि गजेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह है।

    जोशी ने कहा,‘‘मैंने राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र करने के खिलाफ पिछले साल मामले दर्ज करवाया था। यह उन आडियो टैप पर आधारित था। जिनमें शेखावत की स्पष्ट आवाज है। शेखावत वायस सैंपल नहीं दे रहे हैं। ” जोशी ने कहा,‘‘केंद्रीय मंत्री को तो लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने का षडयंत्र करने के लिए बर्खास्त किया जाना चाहिए। इसके बजाय प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री ने शेखावत को बचाने का ठेका दिल्ली पुलिस को दे दिया है। मैं गजेंद्र सिंह शेखावत को चुनौती देता हूं कि वह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सामने अपनी आवाज के सैंपल दें।”

    उल्लेखनीय है कि पिछले साल सचिन पायलट एवं कांग्रेस के कुछ अन्य विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों को लंबे समय तक अलग अलग होटलों में रखा था। इस दौरान विधायकों के फोन टैप किए जाने के आरोप लगे थे। हालांकि अधिकारियों एव सरकार की ओर से इसका लगातार खंडन किया गया। इसी दौरान शर्मा द्वारा शेयर की गई आडियो क्लिप सामने आई थी।