नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम अमरिंदर सिंह के बीच बढ़ी खाई, कांग्रेस नेताओं ने की कार्रवाई की मांग

    चंडीगढ़: कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amrindar Singh) के बीच खाई बढ़ती जा रही है। दोनों नेताओं के बीच शुरू जंग का असर कांग्रेस (Congress) पर भी पढ़ रहा है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) के कई बड़े नेताओं और सरकार में शामिल मंत्रियों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से सिद्धू पर अनुशासत्मक कार्रवाई करने की मांग की है। 

    इन सभी नेताओं ने सिद्धू द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन पर लगातार किए जा रहे निजी हमले के वजह से पार्टी पर गहरा असर पढ़ा रहा है। उनके द्वारा की जारही व्यक्तिगत टिप्पणी सरकार को कमजोर करने वाली है। इसलिए तुरंत पूर्व मंत्री पर कार्रवाई की जाए। 

    ज्ञात हो कि, अमृतसर दक्षिण (Amritsar South) से विधायक सिद्धू पिछले कई दिनों से अपनी ही सरकार पर हमलावर है। वह लगातार मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर हमलावर है। सिद्धू लगातार कोटकपूरा गोलीकांड (Gotakpura Shootout) को लेकर निशाना साध रहे हैं। वहीं राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी रिपोर्ट को हाईकोर्ट द्वारा अस्वीकार करने पर निशाना साधा। 

    कांग्रेस नहीं बादल परिवार चला रहा सरकार

    सिद्धू ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “विधायकों के बीच आम सहमति, बादल सरकार कांग्रेस सरकार के बदले में शासन कर रही है … नौकरशाही और पुलिस बादल परिवार की इच्छाओं के अनुसार काम करती है, हमारे विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अधिक बार सुनती है। सरकार लोगों के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि माफिया राज के नियंत्रण के लिए चलती है।”

    मुख्यमंत्री के नापाक इरादे स्पष्ट

    कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा, “नापाक इरादे स्पष्ट हैं, कोई भी उच्च न्यायालय ने आपको 4-1/2 वर्ष में नहीं रोका! जब DGP/CPS नियुक्तियों को अलग रखा जाता है, तो आदेश घंटों के मामले में उच्च न्यायालयों में चुनौती दी जाती है। अब, पहले आप हाईकोर्ट पर हमला करते हैं, पिछले दरवाजे की तुलना में, लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए समान आदेश स्वीकार करते हैं।”

    गौरतलब है कि, सिद्धू और अमरिंदर लगातार एक दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। सिद्धू और कांग्रेस के अन्य विधायक लगातार सरकार पर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालो पर कार्रवाई करने का दवाब बना रहे हैं।