Nitish Kumar

पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने घोर विरोधी लालू प्रसाद द्वारा राजग विधायकों को कथित रूप से प्रलोभन देने के प्रयासों पर नाराजगी जताते हुए शुक्रवार को चेतावनी दी कि उनकी हरकतों से विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल को ही “नुकसान” होगा। बिहार विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने कहा, ”किसी व्यक्ति को इस तरह से फोन करके कहना कि आ जाईए आपको मंत्री बना देंगे। जनता का निर्णय (बिहार विधानसभा चुनाव में राजग को बहुमत हासिल होना) है। मैं नहीं समझता हूं कि इसतरह का व्यवहार करना चाहिए। उससे उनको फायदा नहीं नुकसान होगा। राजग मजबूती से कायम है। यह और मजबूत होगा क्योंकि निर्दलीय आदि हमारा समर्थन कर सकते हैं।”

23 नवंबर से शुरू नवगठित बिहार विधानसभा का प्रथम सत्र तथा बिहार विधान परिषद का 196 वां सत्र आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि भाजपा विधायक ललन कुमार पासवान ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद द्वारा किए गए फोन का सदन में जिक्र करते हुए इसपर से पर्दा उठाने के बाद ‘अपने और अपने परिवार के सदस्यों को “मानसिक और शारीरिक नुकसान” की आशंका जताई।’

नीतीश इसी संदर्भ में बोल रहे थे। चारा घोटाला मामलों में रांची में सजा काट रहे लालू ने पिछले मंगलवार को कथित तौर पर पासवान को फोन किया था और एक दिन बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के दौरान उन्हें “अनुपस्थित” रहने के लिए कहा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए दोनों के बीच बातचीत के कथित ऑडियो क्लिप में लालू ने नीतीश सरकार गिरने के बाद पासवान को मंत्री बनाने का वादा करते हुए कहा है कि उन्हें राजद उम्मीदवार के अध्यक्ष बनने की स्थिति में पार्टी व्हिप की अवहेलना करने की चिंता नहीं करनी चाहिए ।

हालांकि राजद उम्मीदवार अवध बिहारी चौधरी को भाजपा के विजय कुमार सिन्हा से आठ मतों से हार का सामना करना पड़ा था। राज्य निगरानी विभाग के थाना में पासवान द्वारा दर्ज कराए गए मामले के बारे में पूछे जाने पर, नीतीश ने कहा, “जो भी कार्रवाई की जाएगी, वह कानून के अनुसार होगी। मेरे पास बहुत सारी जानकारी है जिसे मैं सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करना चाहूंगा।”

बिहार विधानसभा में लालू के छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव के चुनाव में हेराफेरी कर चोर दरवाजे से सत्ता में आने के आरोपों को भी खारिज करते हुए नीतीश ने कहा, ‘क्या मतलब है बहुमत के बारे में कुछ भी बोलते रहते हैं। इधर 125 है तो क्या करिएगा। जिसको भी 122 होगा उसकी सरकार बनेगी और वोट के मामले में कह रहे हैं। अरे एक वोट से भी कोई जीतता है तो वह जीत होती है। अगर किसी को लगे कि यह गलत है तो वह जा सकता है कोर्ट।”

उन्होंने कहा, ”बहुत से उदाहरण हैं कि पार्टियां या गठबंधन अधिक वोट हासिल किए पर कम सीटों पर जीत पाए। पर राजग ने अधिक वोट हासिल करने के साथ अधिक संख्या में सीटें भी जीतीं। इसलिए कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए”। जदयू प्रमुख नीतीश ने राजद के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के तीसरे स्थान पर होने के बावजूद मुख्यमंत्री बनने पर कटाक्ष किए जाने के बारे में कहा, “यह कहना उचित नहीं है। अगर मैं उन्हें 2010 के चुनावी प्रदर्शन याद दिलाता रहूं तो उन्हें क्या अच्छा लगेगा।”

गौरतलब है कि 2010 विधानसभा चुनाव में राजद ने विधानसभा की 10 प्रतिशत से कम सीटें जीती थीं, जबकि जद (यू)-भाजपा गठबंधन को 243 में से 200 से अधिक सीटें मिली थीं। (एजेंसी)