CM अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहाकर बने प्रशांत किशोर, एक रुपये लेंगे सैलरी

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amrindar Singh)  ने चुनावी रणनीति कार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को अपना प्रधान सलाहकार (Principal Adviser) नियुक्त किया है। राज्य कैबिनेट (State Cabinet) ने इसपर अपनी मुहर लगा दी है। इसी के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है। इस बात की जानकारी सोमवार को पंजाब सरकार (Punjab Government) ने दी।

    राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, “यह बताते हुए ख़ुशी होरही है कि प्रशांत किशोर मेरे प्रधान सलाहकार के रूप में मुझसे जुड़ेंगे। पंजाब के लोगों की भलाई के लिए एक साथ काम करने के लिए तत्पर हैं!”

    ज्ञात हो कि, यह पहला मौका नहीं है, जब प्रशांत किशोर अमरिंदर सिंह के साथ जुड़े हैं। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी किशोर की कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी ने कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव में रणनीति और प्रचार का ज़िम्मा संभाल था। 

    सैलरी के रूप में मिलेगा एक रूपया

    प्रशांत किशोर को मुख्यसलाहार के रूप में मात्रा एक रुपये की सैलरी दी जाएगी। हालांकि उन्हें कैबिनेट मंत्री को मिलने वही हर सुविधा उन्हें मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसके लिए नियम भी जारी कर दी है। जिसके अनुसार, प्रशांत किशोर का कार्यकाल अमरिंदर सिंह के कार्यकाल के बराबर होगा। उन्हें एक निजी सचिव, एक निजी सहायक, एक डेटा एंट्री ऑपरेटर, एक क्लर्क और दो चपरासी दिए मिलेंगे। साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री को मिलने वाला बंगला दिया जाएगा।

    इसी के साथ, ऑफिस और कैंप ऑफिस/आवास में लैंडलाइन फोन के अलावा मोबाइल फोन का खर्च भी उठाया जाएगा, जिसकी कोई लिमिट नहीं होगी। उन्हें परिवहन की सुविधा दी जाएगी। वहीं कैबिनेट मंत्री को मिलने वाली ट्रैवल सुविधा का लाभ भी वह उठा सकेंगे।

    बंगाल में ममता को सत्ता में पहुंचने में लगे

    आगामी विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को तीसरी बार पश्चिम बंगाल की सत्ता में पहुंचने में लगे हुए हैं। इसी के साथ वह ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा की टीएमसी उनके निर्णय पर क्या रुख अपनाती हैं। 

    नितीश कुमार के भी मुख्य सलाहकार रह चुके

    अमरिंदर सिंह से पहले प्रशांत किशोर बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के भी मुख्य सलाहकार रहे चुके हैं। 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के पहले वह भाजपा को छोड़ नितीश की अगुवाई वाले महागठबंधन के साथ जुड़ गए थे। जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार बनाया गया, बाद में उन्होंने चुनाव में रणनीति के साथ साथ प्रचार का काम भी संभाला था।