Strict action will be taken on more recovery in treatment of corona: Gehlot

जयपुर. राजस्थान में निजी लैब कोरोना टेस्ट के लिए 2200 रूपये प्रति जांच तथा अस्पताल कोरोना के इलाज के लिए भर्ती मरीजों के लिए सामान्य बेड का किराया 2000 रूपये प्रतिदिन और वेन्टीलेटर सहित आईसीयू बेड का 4000 रूपये प्रतिदिन से अधिक चार्ज नहीं ले सकेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी से लड़ने के क्रम में प्रदेशवासियों को राहत देने के लिए राजस्थान के निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के बिल को नियंत्रित करने का संवेदनशील निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मरीजों से अधिक पैसा वसूलने वाले अस्पताल या लैब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गहलोत ने कोरोना संक्रमण की स्थिति पर शुक्रवार को समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों से अधिक बिल की वसूली ना हो। इसके लिए महामारी अधिनियम सहित अन्य प्रावधानों के तहत आदेश जारी किए जाएं और उनकी सख्ती से पालना हो। उन्होंने कहा कि मरीजों से अधिक पैसा वसूलने वाले अस्पताल या लैब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए 21 जून से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान को सही रूप में जनता का अभियान बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी कोरोना संक्रमण का खतरा टला नहीं है। इसलिए सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाने, साबुन से हाथ धोने जैसे हेल्थ प्रोटोकॉल की पालना में बरती गई लापरवाही महंगी पड़ सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि मंत्रियों के जिलों के भ्रमण के समय स्थानीय स्तर पर भीड़ नहीं जुटाने,सोशल डिस्टेसिंग तथा मास्क पहनने की अनिवार्यता की सख्ती से पालना की जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के दौरान कोविड-19 के लिए हेल्थ प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।(एजेंसी)