TAPOVAN

    तपोवन (उत्तराखंड). उत्तराखंड (Uttrakhand) में तपोवन सुरंग (Tapovan Tunnel) से बचाव दलों ने शनिवार देर रात दो और शव बरामद किए जबकि सात फरवरी से चमोली (Chamoli) के आपदाग्रस्त क्षेत्र में दबे लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है । आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने तपोवन सुरंग से शनिवार देर रात दो और शव बरामद किए जबकि शनिवार शाम को भी तीन शव निकाले गए थे ।

    बीते शनिवार यानी 20 फरवरी को तपोवन डैम के मलबे से 5 और शव बरामद किए गए हैं। वहीँ समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक कुमार ने बताया है कि शनिवार की देर शाम तक चमोली जिले के तपोवन डैम के मलबे से 5 और शव बरामद किए गए हैं। हादसे के 14वें दिन तक कुल 67 शव बरामद किए जा चुके हैं।

    गौरतलब है कि अब तक बरामद किए जा चुके 67 शवों में से 34 की शिनाख्त भी की जा चुकी है। बाकी 33 की शिनाख्त के प्रयास पुलिस और प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं। अब भी इलाके के 139 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश के लिए त्रासदी के 2 हफ्ते बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी युद्धस्तर पर जारी है। नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (SDRF) की टीमों के साथ ही भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान भी रेस्क्यू में जुटे हैं।

    एनडीआरएफ टीम ने बैराज साइट पर अब तक पांच शव निकाले हैं जिसके साथ ही अब तक आपदा में मारे गए 67 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। इसके अलावा, 137 लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है । चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बैराज साइट पर अतिरिक्त उत्खनक (एक्स्कवेटर) मशीन लगवा कर काम शुरू करवाया है । चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में आई बाढ़ के समय एनटीपीसी की निर्माणाधीन 520 मेगावाट तपोवन—विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना को हुई भारी क्षति के अलावा, रैंणी में स्थित 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना भी बाढ़ से पूरी तरह तबाह हो गई थी।