तेजस्वी ने नीतीश से नए शिक्षा मंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट करने कहा

पटना. राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य के नए शिक्षा मंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। नवगठित बिहार विधानसभा के पहले सत्र के प्रथम दिन सदन परिसर में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान तेजस्वी ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजग को प्राप्त बहुमत पर एक बार फिर कटाक्ष करते हुए कहा, “सभी लोगों को पता है कि जनता ने “जनादेश” दिया और चुनाव आयोग ने अपने “नतीजे” सुनाये फिर भी सभी (नवनिर्वाचित सदस्यों) को शुभकामनाएं।”

उन्होंने कहा, “जनता ने बदलाव के लिए अपना मत दिया था ।  भ्रष्टचार, बेरोजगारी और मंहगाई के मुद्दे पर लोगों ने वोट किया । मैं पहले से कहता आ रहा हूं कि नीतीश कुमार “भीष्म पितामह” हैं। उन्होंने चोर दरवाजे से फिर एकबार सरकार बनाने का काम किया और सरकार में आने पर फिर वही काम किया जिसके लिए वे जाने जाते रहे हैं।”

भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाए जाने और विवाद के बाद उनके इस्तीफे के संदर्भ में तेजस्वी ने आरोप लगाया, “जिन्हें (अशोक चौधरी) अब इस विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गयी है, उनकी पत्नी के खिलाफ घोटाले के आरोप को सीबीआई जांच चल रही है और मामला उच्चतम न्यायालय के विचाराधीन है।”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नए शिक्षा मंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जद(यू) के राज्य में तीसरे नंबर पर रहने पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी ने कहा, “अदभुत है, राज्य में जो पार्टी तीसरे स्थान पर है, उसके प्रमुख को मुख्यमंत्री बनाया गया है। जो लोग कहा करते थे कि हमारे बलबूते आए हैं विधानसभा में। हम नहीं होते तो जीतते नहीं तो इसका जवाब जनता ने दिया । जितना भी षडयंत्र रचा गया हो पर राजद इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।”

आईआरसीटीसी घोटाला के कारण उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाने की मांग के संबंध में सवाल करने पर तेजस्वी ने कहा, ” जब मैं 2015 में उपमुख्यमंत्री था तो उस समय मुझपर कोई गंभीर आरोप लगा था। ये उस समय की विद्वेष वाली राजनीति से जुड़े थे जब मुझे मूंछ भी नहीं थी । ये तो जगजाहिर हैं और हम हमेशा कहते रहे हैं कि जल्द आरोप पत्र दाखिल करो। इनकी जनता के सवाल को उठाने वालों को बदनाम करने की नीति रही है। मैं तो मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं कि मेरे 18 महीने के उपमुख्यमंत्रित्व काल के एक आरोप को भी उजागर करें।”

उन्होंने कहा कि अगर 19 लाख रोजगार के वादे को यह सरकार पूरा नहीं करती तो एक महीने के भीतर हम जनआंदोलन छेडेंगे और सडकों पर उतरेंगे। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने और भाजपा के वरिष्ठ नेता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित विधानमंडल दल की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है। मेवालाल चैधरी का मामला सामने आने पर उन्होंने अविलम्ब मंत्री पद से इस्तीफा दिया। आईआरसीटीसी घोटाले के आरोपी तेजस्वी यादव में अगर नैतिकता हो तो नेता प्रतिपक्ष का पद स्वीकार करने से इनकार करें।

सुशील ने कहा कि तेजस्वी यादव को लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास नहीं है, इसीलिए कम वोटों से हारने का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रहे हैं जबकि हकीकत है कि 11 से ज्यादा सीटों पर राजग के उम्मीदवारों की हार 2 हजार से कम वोटों से हुई है। सुशील ने विधायकों को सुझाव दिया कि विधानसभा सत्र के बाद ‘धन्यवाद यात्रा’ पर निकलें, जिन गांवों में चुनाव प्रचार के दौरान नहीं जा पाए हैं, वहां सबसे पहले जाएं, सभी पंचायतों में जाएं और सभी का जिसने वोट दिया, जिसने नहीं दिया का आभार व्यक्त करें।

शादी-विवाह, श्राद्ध आदि किसी भी आमंत्रण को नहीं छोड़े, अपना मोबाइल हमेशा आन रखें तथा घर या कार्यालय में दो घंटे मिलने की जगह तय करें। आम लोगों के लिए मिल कर समस्या बताने की व्यवस्था करें। हिदायत दी कि अपनी सभी गतिविधियों से घर, परिवार, रिश्तेदारों आदि को दूर रखें। (एजेंसी)