मुंगेर में 26 अक्टूबर को हुए दुर्गा विसर्जन की रात का सच

– पंकज चौरसिया पटना

पटना: 28 अक्टूबर को मुंगेर में होने वाले चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन ने पूजा समितियों के लिए निर्देश जारी किया कि वे 25 को ही प्रतिमा विसर्जन का कार्य कर लें। पूजा समिति का कहना था कि परंपरा को तोड़ कर मां के प्रकोप के भागी नहीं बन सकते। पूजा समिति ने डीएम से अनुरोध किया कि, 28 को मतदान के बाद 29 को विसर्जन करने दें। इसको लेकर डीएम राजेश मीणा और एसडीओ खगेश चंद्र झा के साथ पूजा समितियों की लगातार दो बैठकें भी हुईं। लेकिन दोनों बैठकों में जिला प्रशासन अपने द्वारा जारी आदेश पर अडिग रहा।

•आस्था से जुड़ी है मुंगेर की बड़ी दुर्गा

मुंगेर की बड़ी दुर्गा महारानी आस्था से जुड़ी है। इन्हें उठाने के लिये भी 32 कहार की जरूरत पड़ती है। उसके बिना यह मां हिलती भी नहीं है। बड़ी दुर्गा मां दशमी के दिन शाम में 4:00 बजे उठती है और पूरा शहर का भ्रमण करते हुए एकादशी के दिन सुबह 10:00 बजे हनुमान मंदिर में आरती लगने के बाद दिन के 2:00 बजे मुंगेर सोझी घाट में विसर्जन होता है।

•26 अक्टूबर के रात की पूरी कहानी

मुंगेर में कुल दुर्गा पूजन 108 जगहों पर होता है। जिसमे विसर्जन में सबसे आगे बड़ी दुर्गा महारानी रहती है, फिर छोटी दुर्गा माँ उसके बाद प्रशासन के द्वारा सभी समितियों को क्रमवार किया जाता है। उसी के हिसाब से सब आगे पीछे रहते हैं। 26 अक्टूबर की रात 10 बजे के करीब दीनदयाल चौक देवी मां की मूर्ति रुकी हुई थी। पुलिस यहां पर जल्दी से विसर्जन की जिद पर अड़ गई। इसी क्रम में प्रशासन द्वारा जमालपुर की कुछ मूर्तियों को अलग रास्ता से विसर्जन करवाया गया। फिर प्रशासन ने स्वयं कुछ कहारों को बुलाकर मूर्ति को उठाने को कहा। पर सदियों पुरानी आस्था का हवाला देते हुए कहारों ने भी इससे इनकार कर दिया। इस क्रम में 6 घंटे निकल गए प्रशासन स्वयं उठाने की कोशिश करने लगे। स्थानीय लोग यह देखकर प्रशासन का विरोध करने लगे। इसके बाद पुलिस से श्रद्धालु भिड़ गए। प्रशासन की ओर से लाठी चार्ज औऱ भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया। उसके बाद पुलिस ने मामले को और बिगाड़ दिया। पहले लाठी और फिर फायरिंग तक कर दी गई।

•एस पी लिपि सिंह को पहले ही समझाया गया था

सूत्रों के मुताबिक, एसपी लिपि सिंह इस मामले पर अपने अलावा किसी की सुनने को तैयार नहीं थीं। वो चुनाव में विधि व्यवस्था का हवाला देकर मूर्ति को जल्द से जल्द विसर्जित कराने की जिद पर अड़ गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा लाठी चार्ज करने में एसपी लिपि सिंह के प्राइवेट स्टाफ कुमार भाई, रीडर बीरेंद्र जी और ड्राइवर की मुख्य भागीदारी बताई जा रही है।

•गोलीकांड  की पूरी कहानी

मुंगेर के लोहापट्टी बेकापुर का रहनेवाला 19 साल का अनुराग कुमार पोद्दार रात 10 बजे अपने घरवालों को कहकर विसर्जन देखने के लिए निकला था। गोलीकांड में अनुराग के सिर पर सीधी गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आम जनता इससे बुरी तरह डर गए और मूर्ति छोर भाग गए। बाद में किसी तरह से इन सारे 32 कहारों को ढूंढ कर लाया गया। इन सब में सुबह हो गई फिर सुबह में एकादशी के दिन ही जाकर मूर्ति का विसर्जन हुआ।

•डीएम, एसपी व सदर एसडीओ के विरुद्ध मानवाधिकार आयोग में परिवाद दायर

मानवाधिकार एवं आरटीआई एक्टिविस्ट अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार ने मुंगेर के डीएम, एसपी, सदर एसडीओ, मुफस्सिल एवं बासुदेवपुर थानाध्यक्ष सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, डीजीपी बिहार तथा डीआईजी मुंगेर प्रक्षेत्र के यहां परिवाद दायर किया है। उन्होंने घटना के निष्पक्ष जांच की मांग की है। मगध प्रमंडल के कमिशनर असंगबा चुबा आव को जांच का आदेश दिया गया।

•मुंगेर की विधि व्यवस्था वापस शांति की ओर अग्रसर

बवाल के बाद चुनाव आयोग ने जिला कलेक्टर राजेश मीणा और पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह को हटा दिया गया। अब यहां नए डीएम और एसपी की तैनाती कर दी गई है। रचना पाटिल को मुंगेर का नया डीएम और मानवजीत सिंह ढिल्लों को नया एसपी नियुक्त किया गया है। डीआईजी मनु महाराज खुद सड़क पर उतर चुके हैं। सड़क पर उतरते ही मनु महाराज के द्वारा लोगों से शांति व्यवस्था बहाल करने तथा दुकान खोलने की अपील की। साथ ही संजय कुमार सिंह बिहार सैन्य पुलिस-15 बाल्मीकिनगर, बगहा को मुंगेर जिले में विधि-व्यवस्था संधारण हेतु प्रतिनियुक्त किया गया है।