Uttarakhand Congress demanded withdrawal of cases registered against its leaders

देहरादून. उत्तराखंड कांग्रेस ने शनिवार को पार्टी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार लोगों का मुद्दा उठा रहे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उल्लेखनीय है कि 25 जून को पेट्रोल और डीजल के दाम में की गई वृद्धि के खिलाफ गांधी पार्क इलाके में सामाजिक दूरी के नियम का कथित रूप से उल्लंघन कर धरना प्रदर्शन करने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित 150 से अधिक कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्राथिमिकी दर्ज की गई है।

कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि यह विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है जो केवल विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहा था। प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्मना ने कहा कि सरकार की डराने-धमकाने की रणनीति काम नहीं करेगी क्योंकि पार्टी आम लोगों के लिए लड़ रही है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ हम इस दबाव की रणनीति के आगे नहीं झुकेंगे क्योंकि हम आम आदमी के लिए लड़ रहे हैं।” हालांकि, कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा, ‘‘ कोई भी विपक्ष की आवाज नहीं दबा रहा। सामाजिक दूरी की अनुपालन नहीं करने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है क्योंकि कोरोना वायरस से सभी की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है।”(एजेंसी)