Archery World Cup India's Atanu Das, Deepika Kumari storm into individual recurve semi-finals

पिछले साल एक दूसरे के साथ परिणय सूत्र में बंधने वाले दास और दीपिका लगभग दो साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहे हैं।

    ग्वाटेमाला सिटी. अतनु दास (Atanu Das) और दीपिका कुमारी (Deepika Kumari) ने तेज हवाओं के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करके गुरुवार को यहां विश्व कप तीरंदाजी के पहले चरण के रिकर्व वर्ग की व्यक्तिगत स्पर्धा के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

    पिछले साल एक दूसरे के साथ परिणय सूत्र में बंधने वाले दास और दीपिका लगभग दो साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहे हैं। इन दोनों ने रिकर्व मिश्रित स्पर्धा के भी कांस्य पदक प्लेऑफ में जगह बना ली है और इस तरह से भारत पांच पदकों की दौड़ में बना हुआ है।दीपिका ने तेज हवाओं के बीच अच्छा खेल दिखाया और जर्मनी की तीरंदाज मिशेली क्रोपेन को सीधे सेटों में हराया।

    उन्होंने कहा, ‘‘मेरे दिमाग में कई तरह के विचार चल रहे थे और मैं एकाग्र बने रहने पर ध्यान दे रही थी। मैं जानती हूं कि मैं बेहतर कर सकती हूं। मेरा पहला मैच अच्छा नहीं था और मुझे ऐसा लग रहा था कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया।’’

    दीपिका ने कहा, ‘‘मैं अब भी नर्वस महसूस कर रही हूं लेकिन मुझे अच्छा भी लग रहा है। मुझे खुशी है कि मैं आखिर प्रतियोगिताओं में भाग ले रही हूं। हमने डेढ़ साल तक इसका इंतजार किया और अब हम यहां हैं।’’विश्व में नौवें नंबर की तीरंदाज दीपिका का अगला मुकाबला मैक्सिको की अलेजांद्रा वेलेंसिया से होगा।

    दास का क्वार्टर फाइनल में भाग्य ने भी साथ दिया क्योंकि कनाडा का उनका प्रतिद्वंद्वी एरिक पीटर्स आखिरी सेट में चूक गया और भारतीय खिलाड़ी 6-4 से जीत दर्ज करने में सफल रहा। इस तरह से दास विश्व कप में पहली बार पदक की दौड़ में शामिल हो गये हैं। उनका अगला मुकाबला अलवार्डो से होगा।

    मिश्रित स्पर्धा में दूसरी वरीयता प्राप्त दास और दीपिका ने स्पेनिश जोड़ी को सीधे सेटों में हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया लेकिन मैक्सिको की जोड़ी के खिलाफ अंतिम चार में स्कोर 4-4 से बराबर रहने के बाद शूटऑफ में उन्हें हार झेलनी पड़ी।

    कांस्य पदक के मैच में उनका सामना अमेरिका के ब्राडी इलिसन और कैसी कॉफहोल्ड की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी से होगा।भारत की अंकिता भक्त हालांकि रिकर्व क्वार्टर फाइनल में हार गयी। भारत की पुरुष और महिला टीमें अंतिम आठ में जगह बनाकर पदक की दौड़ में बनी हुई हैं।