कोरोना वायरस : धोनी ने की 1 लाख रुपए की मदद, पत्नी साक्षी ने की ट्रोलर्स की बोलती बंद

नई दिल्ली. कोरोनावायरस ने कहर ढाया है। दिन ब दिन इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस वायरस से अब तक 24,000 से ज्यादा लोगो की मौत हो गई। जबकि भारत में 17 लोगों की मौत हो चुकी है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने कहर ढाया है। दिन ब दिन इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस वायरस से अब तक 24,000 से ज्यादा लोगो की मौत हो गई। जबकि भारत में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस से निपटने के लिए भारत सरकार काफी प्रयास कर रही है। सरकार ने देश में लॉकडाउन भी करा दिया है। इस वजह से रोजी से काम करनेवाले मजदूरों के लिए मिश्किले खड़ी हो गयी है। 

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से निपटने के लिए कई लोग मदद के लिए आगे आ रहे है। शुक्रवार को दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 50 लाख रुपए की मदद की। वहीं अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पुणे के एक एनजीओ के माध्यम से 1 लाख रुपए की मदद की।

धोनी द्वारा इतनी छोटी रकम आर्थिक मदद के तौर पर देने पर उनके फैंस भड़क उठे है और सोशल मीडिया पर धोनी की आलोचना कर रहे है। उनके एक फैन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि, 800 करोड़ रुपए कमाने वाले धोनी ने सिर्फ एक लाख रुपए की मदद की…. यह दुःखद है। 

वहीं धोनी के दूसरे फैन एक छात्र का हवाला देते हुए लिखा कि, 12वी कक्षा के एक छात्र ने 2.5 लाख रुपए दान दिए। जबकि भारत के सबसे अमीर क्रिकेटरों में से एक एम.एस. धोनी ने गरीबों को 1 लाख रुपये दिए। 

धोनी की यह खबर काफी वायरल हुई और धोनी सोशल मीडिया पर धोनी को काफी ट्रोल हुए। जिसके बाद महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी सिंह धोनी ने ट्रोलर्स की बोलती बंद कर दी। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि, "मैं सभी मीडिया हाउसेस से अनुरोध करती हूं कि वे इस तरह के संवेदनशील समय में झूठी खबरें फैलाना बंद करें! तुम्हे शर्म आनी चाहिए ! मुझे आश्चर्य है कि जिम्मेदार पत्रकारिता कहां गायब हो गई है!"

यह है सच्चाई
पुणे के एक एनजीओ ने लोगों की मदद करने के लिए 12.30 लाख रुपए जमा  करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन रकम पूरी जमा नहीं हो पाई। जिसके बाद एम.एस. धोनी ने एक लाख रुपए क्राउडफंडिंग वेबसाइट केटो के माध्यम से पुणे के मुकुल माधव फाउंडेशन को मदद के तौर पर दी। यह एक एनजीओ है। यह लॉकडाउन के दौरान करीब 100 परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था करनेवाला है।