किदांबी श्रीकांत डेनमार्क ओपन के क्वार्टर फाइनल में, लक्ष्य सेन हारे

ओडेन्से (डेनमार्क). कोरोना वायरस के कारण सात महीने के ब्रेक के बाद वापसी कर रहे भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने गुरुवार को यहां जेसन एंथोनी हो शुई को सीधे गेम मे हराकर डेनमार्क ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई लेकिन लक्ष्य सेन हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गए। पांचवें वरीय भारतीय खिलाड़ी ने पुरुष एकल के दूसरे दौर के मुकाबले में कनाडा के अपने प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ 33 मिनट में 21-15 21-14 से हराया। यह 7500000 डॉलर इनामी सुपर 750 टूर्नामेंट इस साल बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) के कैलेंडर में होने वाला एकमात्र टूर्नामेंट है।

कोरोना वायरस महामारी के कारण बैडमिंटन कैलेंडर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीडब्ल्यूएफ को कोरोना वायरस महामारी के कारण कई टूर्नामेंट रद्द करने पड़े और एशियाई चरण तथा विश्व टूर फाइनल को अगले साल जनवरी तक स्थगित करना पड़ा। श्रीकांत ने बीडब्ल्यूएफ से कहा, ‘‘दोनों गेम में 11 अंक तक मुकाबला काफी करीबी था। मुझे खुशी है कि मैं पूरे मैच के दौरान अपनी फॉर्म बरकरार रख पाया। उसके शॉट को रिटर्न करने के लिए मुझे सतर्क रहना पड़ा।”

लक्ष्य को हालांकि स्थानीय दावेदार हेंस क्रिस्टियन सोल्बर्ग विटिंगस के खिलाफ 55 मिनट में 21-15 7-21 17-21 से हार झेलनी पड़ी। दुनिया के पूर्व नंबर एक और फिलहाल 14वें नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत अगले दौर में दूसरे वरीय चीनी ताइपे के टिएन चेन चाउ से भिड़ेंगे जिन्होंने आयरलैंड के एनहात एनगुएन को सीधे गेम में आसानी से 21-8 21-16 से हराया। मुकाबले में श्रीकांत ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले गेम में 9-4 की बढ़त बनाई।

ब्रेक के समय वह 11-8 से आगे थे। श्रीकांत ने इसके बाद लगातार छह अंक बनाए और फिर पहला गेम आसानी से जीत लिया। दूसरे गेम में श्रीकांत 5-8 से पीछे थे लेकिन लगातार छह अंक के साथ उन्होंने ब्रेक तक 11-8 की बढ़त बना ली। कनाडा के खिलाड़ी ने हालांकि वापसी करते हुए स्कोर 10-11 कर दिया।

श्रीकांत ने इसके बाद आक्रामक रवैया अपनाया और 15-10 की बढ़त बना ली और फिर स्कोर 19-11 किया। भारतीय खिलाड़ी को आठ मैच प्वाइंट मिले जिसमें से दो अंक उन्होंने गंवाए लेकिन अगले अंक पर हो शुई ने शॉट बाहर मार दिया जिससे भारतीय खिलाड़ी ने अगले दौर में जगह बनाई। शुभंकर डे और अजय जयराम को बुधवार को पहले दौर के मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। (एजेंसी)