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    नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी में हुई टूट के बाद बुधवार को चिराग पासवान पहली बार मीडिया के सामने आए। इस दौरान चिराग ने जनता दल यूनाइटेड पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बिहार चुनाव के दौरान, उससे पहले भी, उसके बाद भी कुछ लोगों द्वारा और खास तौर पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास निरंतर किया जा रहा था।”

    मैं अभी भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष 

    खुद को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर चिराग ने कहा, “कुछ जगह ख़बर चल रही है कि मुझे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटाया जा चुका है। लोक जनशक्ति पार्टी का संविधान कहता है कि पार्टी अध्यक्ष का पद सिर्फ दो परिस्थितियों में खाली हो सकता है या तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का निधन हो या राष्ट्रीय अध्यक्ष इस्तीफा दें।”

     चाचा ने चुनाव प्रचार में कोई भूमिका नहीं निभाई

    चाचा पशुपतिनाथ पारस पर हमला बोलते चिराग ने कहा, “मेरी पार्टी के पूरे समर्थन के साथ मैने चुनाव लड़ा। कुछ लोग संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए तैयार नहीं थे। मेरे चाचा ने खुद चुनाव प्रचार में कोई भूमिका नहीं निभाई। मेरी पार्टी के कई और सांसद अपने व्यक्तिगत चुनाव में व्यस्त थे।” 

    मेरे पीठ पीछे पूरा षड्यंत्र रचा

    पार्टी में हुई टूट पर जमुई के सांसद ने कहा, “दुख मुझे इस बात का है कि जब मैं बीमार था, उस समय मेरे पीठ पीछे जिस तरह से ये पूरा षड्यंत्र रचा गया। मैंने चुनाव के बाद अपने चाचा से संपर्क करने का, उनसे बात करने का निरंतर प्रयास किया।”