CM Mamata Banerjee speaks about prevention of corona infection in West Bengal - complete lockdown will affect livelihood, taking strict steps to tackle
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    नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Election) में विकास (Development) और जनता के जीवन स्तर सुधारने वाले मुद्दे छोड़ धर्म का मुद्दा खूब जोरों पर है। अभी तक भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाने वाली ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) अब खुद अपनी चुनावी रैलियों में खुद को हिंदू (Hindu) और ब्राह्मण (Brahman) बताना शुरू कर दिया है। इसी क्रम मंगलवार को नंदीग्राम (Nandigram) के टेंगुआ में आयोजित सभा में बनर्जी ने अपना गोत्र तक बता दिया। 

    दूसरे चरण के प्रचार के आखिरी दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी सभा संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “मैंने मंदिर का दौरा किया जहां पुजारी ने मेरा गोत्र पूछा, मैंने कहा माँ, माटी, मानुष। यह मुझे मेरी त्रिपुरा के त्रिपुरेश्वरी मंदिर की याद दिलाता है, जहां पुजारी ने मुझसे मेरा गोत्र पूछा और मैंने मां, माटी, मानुष कहा था, वास्तव में मैं शांडिल्य हूं।”

    भाजपा ने किया पलटवार

    खुद को शांडिल्य ब्राह्मण बताने पर मुख्यमंत्री ममता पर भाजपा ने पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “चुनाव हारने के डर से ममता दीदी ने अपना गोत्र बता दिया। दीदी, जरा मुझे बताइए, ‘शांडिल्य’ गोत्र रोहिंग्याओं और घुसपैठियों का भी है। वह अब डर गई है, इसीलिए वह सुवेन्दु जैसे भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कर रही है और कभी-कभी गोत्र का उपयोग कर रही है। उनका हारना तय है।”

    ज्ञात हो कि, यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री ममता ने लोगों के सामने इस तरह अपने जाती के बारे में बताया है। जब से विधानसभा चुनावी की अधिसूचना जारी हुई है, तब से वह अपने हर रैली में अपनी जाती, धर्म की बात कर रही है। पिछले दिनों एक सभा को संबोधित करते हुए खुद को भाजपा से बड़ा हिन्दू बताते हुए मंच से चंडीपाठ तक कर दिया था।