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अमरावती. आंध्रप्रदेश से राज्यसभा के लिए चार सदस्यों का चुनाव शुक्रवार को होगा। राज्य विधानसभा में पर्याप्त संख्या रहने के कारण सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के चारों सीटों पर जीत हासिल करने के आसार हैं। वर्ष 2014 में राज्य के बंटवारे के बाद पहली बार यहां राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। द्विवार्षिक चुनाव 26 मार्च को ही होने वाला था लेकिन कोविड-19 के कारण देशभर में लॉकडाउन के कारण बाद में 19 जून की तारीख निर्धारित की गयी। संसद के ऊपरी सदन में आंध्रप्रदेश से 11 में से चार सीटें नौ अप्रैल को खाली हुई थी।

निर्वतमान सदस्यों का छह साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद ये सीटें रिक्त हुई। वैसे तो यहां निर्विरोध ही चुनाव हो जाता लेकिन मुकाबले में पांच उम्मीदवारों के होने के कारण मतदान के आसार हैं। इसमें वाईएसआर कांग्रेस के चार और विपक्षी तेलगू देशम पार्टी के एक उम्मीदवार हैं। राज्य की 175 सदस्यीय विधानसभा में 151 विधायकों और तेदेपा तथा जन सेना के चार ‘बागी’ विधायकों के कारण वाईएसआर कांग्रेस आराम से चारों सीटें जीत जाएगी।

आंध्रप्रदेश से राज्यसभा की सीट के लिए किसी उम्मीदवार को न्यूनतम 36 मत चाहिए। तेदेपा के पास 23 विधायकों में 20 सदस्यों का ही साथ है, ऐसे में उसके उम्मीदवार के जीतने की संभावना नहीं है। शुक्रवार को चुनाव के बाद वाईएसआर कांग्रेस की क्षमता राज्यसभा में दो से बढ़कर छह हो जाएगी।

वाईएसआर कांग्रेस से उपमुख्यमंत्री पिल्ली सुभाष चंद्र बोस, मंत्री मोपिदेवी वेंकट रमन राव, रियल इस्टेट कारोबारी ए अयोध्या रामी रेड्डी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीनियर ग्रुप अध्यक्ष परिमालनाथवानिआरे मुकाबले में हैं। तेदेपा ने अनुसूचित जाति का कार्ड खेलते हुए पोलित ब्यूरो सदस्य वर्ला रामैया को मैदान में उतारा है। (एजेंसी)