दक्षिण भारत से पहली ‘किसान रेल’ फलों के साथ दिल्ली रवाना हुई

अमरावती (आंध्र प्रदेश): खेतों को कृषि बाजारों से जोड़ने के लिए दक्षिण भारत से पहली ‘किसान रेल’ (Kisan Rail) बुधवार को अनंतपुरमू से 322 टन ताजा फलों के साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की प्रसिद्ध आजादपुर मंडी के लिए रवाना हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ( Narendra Singh Tomar) और आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी (CM Jagan Mohan Reddy) ने ‘किसान रेल’ को क्रमश: नयी दिल्ली और अमरावती (Amravati) से एक वीडियो लिंक के जरिये हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह देश की दूसरी ‘किसान रेल’ है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी, अनंतपुरमू सांसद टी रंगैया, दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक गजानन माल्या, अनंतपुरमू के जिला कलेक्टर जी. चंद्रुडू, गुंटकल रेल मंडल के प्रबंधक आलोक तिवारी और अन्य इस आयोजन में शामिल हुए। ‘किसान रेल’ किसानों, विशेष रूप से बागवानी फसलों को उगाने वालों के लिए एक वरदान के रूप में आयी है क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होगा कि उपज जल्दी बाजारों तक पहुंचे।

कलेक्टर चंद्रुडू ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘इससे किसानों को कई तरह से लाभ मिलेंगे। भारी मात्रा को एक ही बार में परिवहन किया जा सकता है, परिवहन समय कम होगा, लागत में कटौती होगी और परिवहन नुकसान भी कम होगा।” ट्रकों के माध्यम से परिवहन की मौजूदा व्यवस्था में, किसानों को लगभग 25 प्रतिशत फसल के बाद के नुकसान से प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अब इसे खत्म कर सकते हैं क्योंकि ट्रेन से परिवहन से उत्पाद यथावत रहेगा जिससे उसका अच्छा मूल्य प्राप्त होगा।”

चंद्रुडू ने कहा, ‘‘300 करोड़ रुपये (परिवहन क्षति के कारण) का नुकसान समाप्त करने के अलावा, किसान अपनी उपज की अच्छी कीमत प्राप्त करके प्रतिवर्ष 400 करोड़ रुपये प्राप्त कर सकते हैं।” अनंतपुरमू में हालांकि वर्षा कम होती है लेकिन इसे ‘‘आंध्र प्रदेश का फल का कटोरा’ माना जाता है, जहाँ बागवानी के अंतर्गत आने वाला फसली क्षेत्र 2.02 लाख हेक्टेयर का है, जो विभिन्न फलों और सब्जियों का प्रतिवर्ष 58.39 लाख टन का उत्पादन करता है। राज्य में फल और सब्जियों की खपत केवल छह लाख टन के आसपास है, बाकी देश और विदेश में विपणन किया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मीठा संतरा, केला, आम, पपीता, अनार और खरबूज हमारी प्रमुख उपज हैं जिनका दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा, तमिलनाडु, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और कर्नाटक में अच्छा बाज़ार है। हमारे टमाटर, अंगूर, अनार, मीठे संतरे और केले का निर्यात बांग्लादेश, नेपाल और पश्चिमी देशों में किया जाता है।” किसान रेल को अभी सप्ताह में एक बार चलाने की योजना है, लेकिन जनवरी से मांग के आधार पर इसके फेरे बढ़ाए जा सकते हैं।