Mayor furious over hellish situation arising out of water logging, told Municipal Commissioner responsible

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. झारखण्ड की राजधानी रांची में मानसून (Monsoon) की शुरुआती बारिश (Rain) में ही नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई है। रांची (Ranchi) के ऐसे हालात पर नाराजगी जाहिर करते हुए मेयर आशा लकड़ा ने इसके लिए नगर आयुक्त को जिम्मेदार ठराया है। रांची में थोड़ी ही बारिश से हुई नारकीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए आशा लकड़ा ने कहा कि हल्की बारिश में ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोग जलजमाव (Water Logging) की समस्या से परेशान हो रहे हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव कार्य भी सभी वार्डों में नियमित रूप से नहीं हो रहा है। सम्बंधित पदाधिकरियों और कर्मचारियों की उदासीनता और लापरवाह रहने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। 

    बारिश से उत्पन्न गन्दगी के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि रांची की मेयर होने के नाते जब मैं खुद रांची नगर निगम की सफाई व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हूं तो आम जनता कैसे संतुष्ट होगी। मेयर ने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा चलायी गई “सफाई तो होकर रहेगी” नामक अभियान कितना कारगर हुआ है , इसका जवाब तो नगर आयुक्त ही बेहतर दे सकते हैं। आशा लकड़ा ने नगर आयुक्त द्वारा चलाये गए अभियान पर अपनी  नाराजगी भरी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करने से किसी कार्य या अभियान को पूरा नहीं किया जा सकता। किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए न सिर्फ अच्छी प्लानिंग की जरूरत होती है, बल्कि उसकी प्रोपर मॉनिटरिंग भी करनी पड़ती है।

    सिर्फ वाहवाही के लिए शुरु की योजना

    आशा ने कहा कि नगर आयुक्त की कार्य योजना से यही प्रतीत होता है कि उन्होंने सिर्फ अपनी वाहवाही के लिए “सफाई तो होकर रहेगी” नामक  अभियान की शुरुआत की। सफाई अभियान की मॉनिटरिंग ही नहीं की गई। रांची नगर निगम में 2015 से ही बारिश से पूर्व हर वर्ष रोस्टर के तहत सफाई अभियान चलाया जाता रहा है। यदि नगर आयुक्त पूर्व की कार्य पद्धति को ध्यान में रखते हुए सफाई अभियान की शुरुआत करते तो राजधानी न सिर्फ स्वच्छ होती, बल्कि बारिश होने के बाद जलजमाव की समस्या का भी समाधान होता।

    नियमित रूप से सफाई कार्य नहीं हो पा रहा 

    मेयर ने यह भी कहा कि 53 वार्डों में जलजमाव वाले क्षेत्र की सूची भी रांची नगर निगम के कार्यालय में मौजूद है। इसके अलावा शहर के किस-किस क्षेत्र में कूड़े की डंपिंग होती है, इसकी जानकारी भी सफाई कार्य से जुड़े कर्मियों को है। फिर भी नियमित रूप से सफाई कार्य नहीं हो पा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव का कार्य कर रही एजेंसी भी नियमित रूप से कूड़े का उठाव नहीं कर रही है। एजेंसी की कार्यशैली से स्पष्ट है कि रांची नगर निगम के अधिकारी एजेंसी के कार्यों की मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं। फिलहाल वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष रूप से निगरानी करने की आवश्यकता है। मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया है कि शहर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए तीन-चार दिनों के अंदर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव व जलजमाव की समस्या का समाधान करें।