Coal India started special auction
File Photo

    नयी दिल्ली: पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन से जुड़े एक मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में छह करोड़ रुपये मूल्य का एक भूखंड कुर्क किया है। केंद्रीय एजेंसी ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय जांच ब्यूरो की नवंबर 2020 की एक प्राथमिकी के अध्ययन के बाद ईडी ने धनशोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

    सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि आसनसोल के अंदर और आसपास कुनुस्तोरिया और काजोरा इलाकों में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की खदानों से करोड़ों रुपये के कोयलों की हेरफेर का घोटाला हुआ।

    इस मामले में स्थानीय अनूप मांझी ऊर्फ लाला मुख्य संदिग्ध था। ईडी ने दावा किया था कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी अवैध कारोबार से अर्जित धन के लाभार्थी थे। अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। 

    एजेंसी ने यहां एक बयान जारी कर कहा कि उसके द्वारा कुर्क की गई जमीन वेस्ट एंड पिग्मेंट एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और देशप्राण प्रॉपर्टीज लिमिटेड के संयुक्त स्वामित्व वाली है और यह कोलकाता में देशप्राण शासमल रोड पर स्थित है।  ईडी ने दावा किया कि जांच में पता चला, “इस संपत्ति की खरीद के लिये छह करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान एलटीबी इंफ्राकंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के खातों से किया गया।”

    इसमें आरोप लगाया गया, “कथित रकम का स्रोत अपराध से हुआ आर्थिक लाभ था और यह रकम नकदी के तौर पर एलटीबी इंफ्राकंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में जमा कराई गई थी। इस कंपनी के मालिक विनय मिश्रा और विकास मिश्रा हैं।”

    विकास मिश्रा को इस मामले में ईडी पहले गिरफ्तार कर चुकी है और उसका भाई और टीएमसी की युवा शाखा का नेता विनय मिश्रा माना जा रहा है कि कुछ समय पहले देश छोड़कर जा चुका है और उसने संभवत: भारतीय नागरिकता भी छोड़ दी है। 

    एजेंसी इस मामले में बांकुड़ा पुलिस थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार मिश्रा को भी गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी की इस नई कार्रवाई के बाद मामले में अब तक 171.86 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।