Saugata Roy

कोलकाता: केंद्र सरकार (Central Government) ने 23 जनवरी नेताजी शुभासचंद्र बोस (Netaji Shubhash Chandra Bose) के जन्म दिन को ‘पराक्रम दिवस’ (Parakram Diwas) मनाने का ऐलान किया है। सरकार के इस निर्णय से तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) भड़क गई है। पार्टी नेता और सांसद सौगता रॉय (Saugata Roy) ने भाजपा (BJP) पर नेताजी के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “हम नेताजी के जन्मदिन को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। यह ‘देशप्रेम दिवस’ होना चाहिए। हमारा मानना ​​है कि नेताजी इससे काफी बेहतर सम्मान के हकदार हैं।”

भाजपा कर रही राजनीति

टीएमसी सांसद ने कहा, “नेताजी के जन्मदिन को पराक्रम दिवस मनाने का ऐलान राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को देख कर लिया गया है। हम नेताजी के नाम पर राजनीति की सराहना नहीं करते। अगर पीएम ऐसा करना चाहते थे, तो वह 6 महीने पहले कर सकते थे। लेकिन विधानसभा चुनाव और उनके जन्म दिन की पूर्व संध्या पर आखिर क्यों।”

कांग्रेस बहुत छोटी पार्टी 

रॉय ने बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के टीएमसी के कांग्रेस में विलय वाले बयान पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “अधीर रंजन की पार्टी पश्चिम बंगाल में बहुत छोटी है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में केवल 2 सीटें जीतीं, हम उनके साथ विलय क्यों करेंगे? उन्हें (कांग्रेस) भाजपा से अपने दम पर लड़ना चाहिए। कांग्रेस से हाथ मिलाने का कोई सवाल ही नहीं है। टीएमसी अकेले बीजेपी को टक्कर दे सकती है।”

ममता कर रही बंगाल को बदनाम 

भाजपा पार्टी महासचिव अरु बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री बैनर्जी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “जिस तरह से हिंसा की राजनीति बंगाल में हो रही है उससे बंगाल की बदनामी हो रही है। बंगाल का इतिहास ऐसा कभी नहीं रहा जैसा काला इतिहास ममता बनर्जी लिख रही हैं। नौकरशाही का राजनीतिकरण और नौकरशाही का अपराधीकरण हमने किसी प्रदेश में देखा है तो वह पश्चिम बंगाल है।”