hemant soren

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. राज्य में किसी को भी कफ़न खरीदने की जरुरत नहीं पड़ेगी। मृतकों को कफ़न हम मुफ्त (Free) में देंगे, झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand Chief Minister Hemant Soren)के इस  बयान पर झारखण्ड की राजनैतिक सियासत गर्म हो गई है। कफ़न की सियासत पर झारखण्ड के विरोधी पक्ष के दिग्गज नेताओं ने सोरेन के इस बयान का जमकर विरोध किया। ट्वीटर (Twitter) पर भी विरोध के कई सवाल दागे गए। हेमंत सोरेन एक कार्यकर्म के अंत में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में यह बात बोल गए कि राज्य में किसी को भी कफ़न खरीदने की जरुरत नहीं पड़ेगी। मृतकों को कफ़न हम मुफ्त में देंगे। 

    इस बात पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति विशेष के मुंह से इस तरह की बातें सीधे जनमानस पर कुठाराघात है। मुख्यमंत्री का यह बयान अत्यंत पीड़ादायक और हैरान कर देने जैसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान हास्यास्पद है। मुफ्त में कफ़न देने के बदले राज्य के सभी बड़े अस्पतालों में कम से कम पांच गरीब बीमार दलितों, आदिवासियों का इलाज कराते तो सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकती थी। कफ़न बांटने की बात मृतकों के परिजनों के जले में नमक छिड़कने जैसा प्रतीत हो रहा है।

    हम दवा बाँटने का काम शुरू करेंगे : सांसद निशिकांत दुबे

    हेमंत सोरेन के इस बयान का कड़ा विरोध करते हुए गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि सरकार कफ़न बाँटने का काम शुरू करें, हम दवा बाँटने का काम शुरू करेंगे। दुबे ने कहा कि गोड्डा जिले में मरीजों की जान बचाने के लिए कल से उनकी पार्टी दवाइयों का वितरण शुरू करेगी। दुबे ने यह भी कहा कि अभी जब इस विनाशकारी कोरोना में ज्यादा से ज्यादा लोग अपने परिजनों को खोकर स्वर्ग सिधार जा रहे है ऐसे समय में इस तरह का बयान अत्यंत कष्टकारी है।

    अच्छे स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरुरत है, कफ़न बांटने की नहीं

    भाजपा प्रवक्ता कुनाल षाडंगी ने कहा कि सरकार को राज्य में अच्छे स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरुरत है, कफ़न बांटने की नहीं। सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। षाडंगी ने हेमंत सोरेन के बयान पर आश्चर्य जाहिर करते हुए कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार देशवासियों की जान बचाने के लिए युद्ध स्तर पर कम कर रही है, वहीँ दूसरी ओर झारखण्ड सरकार मुफ्त में कफ़न बाँटने की बात कर रही है। 

    भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया पर झामुमो के नेताओं का पलटवार

    भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए हेमंत सोरेन के साथ झामुमो के नेताओं ने कई सवाल किये। झामुमो के नेताओं ने कहा कि आज राज्य के अपने मृतकों को नि:शुल्क कफ़न  देने के निर्णय पर भाजपा सवाल उठा रही है क्योकि उन्हें गरीब और गरीबी का दंश क्या होता है यही पता नहीं है। हम तो कफ़न नि:शुल्क उपलब्ध कराने की बात भी कर रहे है, पर भाजपा के नेताओं ने तो अपने लोगों को कफ़न तक नसीब नहीं होने दिया, झामुमो ने भाजपा को कफ़न चोर जैसे शब्दों से नवाजते हुए कहा कि कफ़न चोरी कर उन्हें धोकर बेचने वाली पार्टी भाजपा के नेताओं की हकीकत यह है कि उत्तर प्रदेश में सरकार ने मृतकों को सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की बात की थी पर सम्मान के साथ विदा करने की बात तो दूर उन्हें अंतिम समय में कुत्ते और गिद्धों खाने के लिए लावारिश हालत में जमीन पर दफ़न कर दिया। कोरोना संक्रमण के इस चुनौती भरे समय में हेमंत सोरेन के इस तरह के बयान से सोशल मीडिया पर भी सोरेन की जोरदार किरकिरी हो रही है।