बेंगुलुरु हिंसा में प्राथमिक आरोपपत्र दाखिल, पूर्व कांग्रेस पार्षद संपत राज बतौर आरोपी नामजद

बेंगलुरु. सोशल मीडिया (Social Media) पर कथित भड़काऊ पोस्ट (Inflammatory Post) को लेकर यहां 11 अगस्त को हुई हिंसा की जांच कर रही केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने एक स्थानीय अदालत में प्राथमिक आरोपपत्र दाखिल किया और पूर्व कांग्रेस महापौर आर संपत राज (Sampath Raj) को बतौर आरोपी नामजद किया है।

सीसीबी सूत्रों ने बताया कि सोमवार को अदालत में प्रस्तुत 850 पन्नों के इस आरोपपत्र में पुलकेशिनगर के कांग्रेस पार्षद अब्दुल रकीब जाकिर को भी बतौर आरोपी नामजद किया गया है। सूत्रों ने इससे अधिक ब्योरा नहीं दिया।

बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने पीटीआई-भाषा से कहा, “हां, उन्हें नामजद किया गया है।” सीसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि डी जे हल्ली से कांग्रेस के पार्षद संपत राज उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें हिंसा के बारे में जानकारी थी लेकिन उन्होंने पुलिस से इसे साझा नहीं किया। राज और जाकिर से पहले पूछताछ की गयी थी लेकिन उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

संपत राज के निजी सहायक अरुण कुमार को बेंगलुरु हिंसा के नेताओं के संपर्क में कथित रूप से बने रहने को लेकर 19 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। यहां ग्यारह अगस्त की रात को हिंसा पर उतरी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गोली चलायी थी जिसमें तीन लोगों की जान चली गयी थी। ये लोग कांग्रेस के एक विधायक के रिश्तेदार द्वारा कथित रूप से सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट से नाराज थे।

इस हिंसा में 50 पुलिसकर्मियों समेत अनेक लोग घायल हुए थे। नाराज भीड़ ने पुलकेशिनगर के विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के निवास और डी जे हल्ली के थाने को निशााना बनाया था। विधायक का मकान फूंक दिया गया था। उस वक्त मूर्ति अपने घर में नहीं थे।

इस मामले में अब तक 421 लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिनमें सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेता मुजम्मिल पाशा भी हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी इस मामले की जांच कर रही है और उसने मुख्य आरोपी की पकड़ा है।