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एवेरेस्ट पर्वत (Mount Everest) पृथ्वी का सबसे ऊँचा पर्वत है। यह पर्वत नेपाल और तिब्बत की सीमा पर स्थित है। बर्फ से ढका हिमालय बेहद ही खूबसूरत है और आकर्षक है। बहुत से लोगों ने इस पहाड़ की चढ़ाई की है। इसकी ऊंचाई 8,848 मीटर (29,028 फीट) है। इस पर्वत पर बहुत सी औषिधियाँ पाई जाती हैं।
एवेरेस्ट पर्वत (Mount Everest) पृथ्वी का सबसे ऊँचा पर्वत है। यह पर्वत नेपाल और तिब्बत की सीमा पर स्थित है। बर्फ से ढका हिमालय बेहद ही खूबसूरत है और आकर्षक है। बहुत से लोगों ने इस पहाड़ की चढ़ाई की है। इसकी ऊंचाई 8,848 मीटर (29,028 फीट) है। इस पर्वत पर बहुत सी औषिधियाँ पाई जाती हैं।
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के 2 (K2) दुनिया का दूसरा सबसे ऊँचा बड़ा पर्वत है। जिसकी ऊंचाई 8,611 मीटर (28,251 फीट) है। यह पर्वत काराकोरम रेंज का हिस्सा है, जो चीन और पाकिस्तान की सीमा पर स्थित है। के 2 को चढ़ाई की कठिनाई और इसे चढ़ने वालों के लिए उच्चतम घातक दर में से एक के कारण सैवेज पर्वत के रूप में भी जाना जाता है।
के 2 (K2) दुनिया का दूसरा सबसे ऊँचा बड़ा पर्वत है। जिसकी ऊंचाई 8,611 मीटर (28,251 फीट) है। यह पर्वत काराकोरम रेंज का हिस्सा है, जो चीन और पाकिस्तान की सीमा पर स्थित है। के 2 को चढ़ाई की कठिनाई और इसे चढ़ने वालों के लिए उच्चतम घातक दर में से एक के कारण सैवेज पर्वत के रूप में भी जाना जाता है।
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तिब्बत में स्थित, कैलाश पर्वत (MountKailash) को पांच धर्मों में एक पवित्र स्थान माना जाता है। हिंदू, बौद्ध, जैन, अयावाज़ी और बॉन। हिंदू धर्म में, इसे भगवान शिव का निवास माना जाता है। माना जाता है कि कैलाश पर्वत पर पैदल घूमने से सौभाग्य की प्राप्ति होगी। इसकी ऊंचाई 6,638 मीटर (21,778 फीट) है। इसके पश्चिम तथा दक्षिण में मानसरोवर और राक्षसताल झील हैं। यहां से कई महत्वपूर्ण नदियां निकलतीं हैं जैसे ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलुज आदि।
तिब्बत में स्थित, कैलाश पर्वत (MountKailash) को पांच धर्मों में एक पवित्र स्थान माना जाता है। हिंदू, बौद्ध, जैन, अयावाज़ी और बॉन। हिंदू धर्म में, इसे भगवान शिव का निवास माना जाता है। माना जाता है कि कैलाश पर्वत पर पैदल घूमने से सौभाग्य की प्राप्ति होगी। इसकी ऊंचाई 6,638 मीटर (21,778 फीट) है। इसके पश्चिम तथा दक्षिण में मानसरोवर और राक्षसताल झील हैं। यहां से कई महत्वपूर्ण नदियां निकलतीं हैं जैसे ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलुज आदि।
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कंचनजंगा (Kangchenjunga) भारत की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है, जो दुनिया की तीसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी है। यह हिमालय की रेंज में मौजूद है, इसकी ऊंचाई 8,586 मीटर (28,169 फीट) है। इसे कंचनजंगा हिमालय भी कहा जाता है जो पश्चिम में तामूर नदी(Tamor River) और तीस्ता नदी(Teesta River) तक फैला हुआ है। कंचनजंगा पर्वत, पूर्वी नेपाल और भारत के सिक्किम में स्थित है।
कंचनजंगा (Kangchenjunga) भारत की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है, जो दुनिया की तीसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी है। यह हिमालय की रेंज में मौजूद है, इसकी ऊंचाई 8,586 मीटर (28,169 फीट) है। इसे कंचनजंगा हिमालय भी कहा जाता है जो पश्चिम में तामूर नदी(Tamor River) और तीस्ता नदी(Teesta River) तक फैला हुआ है। कंचनजंगा पर्वत, पूर्वी नेपाल और भारत के सिक्किम में स्थित है।
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टेबल माउंटेन (Table Mountain) दक्षिण अफ्रीका में केपटाउन शहर को देखने वाला एक सपाट-चोटी का पहाड़ है। इसकी ऊंचाई 1,086 मीटर (3,563 फीट) है। एंटोनियो डी सल्दान्हा टेबल बे में उतरने वाला पहला यूरोपीय था। उन्होंने 1503 में शक्तिशाली पर्वत पर चढ़ाई की और इसे 'टेबल माउंटेन' नाम दिया।
टेबल माउंटेन (Table Mountain) दक्षिण अफ्रीका में केपटाउन शहर को देखने वाला एक सपाट-चोटी का पहाड़ है। इसकी ऊंचाई 1,086 मीटर (3,563 फीट) है। एंटोनियो डी सल्दान्हा टेबल बे में उतरने वाला पहला यूरोपीय था। उन्होंने 1503 में शक्तिशाली पर्वत पर चढ़ाई की और इसे 'टेबल माउंटेन' नाम दिया।
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मैटरहॉर्न (Matterhorn) बेहद ही प्रसिद्ध पर्वत है, साथ ही स्विस आल्प्स का एक प्रतिष्ठित प्रतीक है। पर्वत का नाम जर्मन शब्द मैटे से लिया गया है, जिसका अर्थ है घास का मैदान, और हॉर्न, जिसका अर्थ है चोटी। इसकी ऊंचाई 4,478 मीटर (14,692 फीट) है। यह पर्वत स्विट्जरलैंड और इटली की सीमा पर स्थित है। यह आल्प्स की सबसे घातक चोटियों में से एक है।
मैटरहॉर्न (Matterhorn) बेहद ही प्रसिद्ध पर्वत है, साथ ही स्विस आल्प्स का एक प्रतिष्ठित प्रतीक है। पर्वत का नाम जर्मन शब्द मैटे से लिया गया है, जिसका अर्थ है घास का मैदान, और हॉर्न, जिसका अर्थ है चोटी। इसकी ऊंचाई 4,478 मीटर (14,692 फीट) है। यह पर्वत स्विट्जरलैंड और इटली की सीमा पर स्थित है। यह आल्प्स की सबसे घातक चोटियों में से एक है।
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मोंटे फिट्ज रॉय (Monte Fitz Roy), अर्जेंटीना और चिली के बीच की सीमा स्थति है। इसकी ऊंचाई 3,375 मीटर (11,073 फीट) है। इसकी ऊंचाई कम होने के बावजूद इसपर चढ़ना बेहद कठिन है, क्योंकि यहाँ बहुत से ग्रेनाइट मौजूद है। पहाड़ कई पर्यटकों और फ़ोटोग्राफ़रों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
मोंटे फिट्ज रॉय (Monte Fitz Roy), अर्जेंटीना और चिली के बीच की सीमा स्थति है। इसकी ऊंचाई 3,375 मीटर (11,073 फीट) है। इसकी ऊंचाई कम होने के बावजूद इसपर चढ़ना बेहद कठिन है, क्योंकि यहाँ बहुत से ग्रेनाइट मौजूद है। पहाड़ कई पर्यटकों और फ़ोटोग्राफ़रों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
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ओरकि माउंट कुक (Aoraki Mount Cook) न्यूजीलैंड का सबसे ऊँचा पर्वत है। जिसकी ऊंचाई 3,754 मीटर (12,316 फीट) है। माओरी भाषा के नगई ताहू बोली में अरोकी का अर्थ है
ओरकि माउंट कुक (Aoraki Mount Cook) न्यूजीलैंड का सबसे ऊँचा पर्वत है। जिसकी ऊंचाई 3,754 मीटर (12,316 फीट) है। माओरी भाषा के नगई ताहू बोली में अरोकी का अर्थ है "क्लाउड पियर्सर"। पर्वत को पहली बार 1894 में तीन न्यूजीलैंड के लोगों द्वारा सफलतापूर्वक चढ़ाई की गई थी, जो उत्तरी रिज के माध्यम से शिखर पर पहुंचे थे।
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माउंट हुआंग (Mount Huang) पूर्वी चीन में एक पर्वत श्रृंखला है, जिसे हुआंगशान (
माउंट हुआंग (Mount Huang) पूर्वी चीन में एक पर्वत श्रृंखला है, जिसे हुआंगशान ("येलो माउंटेन") के नाम से भी जाना जाता है। इसकी ऊंची चोटी 1,864 मीटर (6,115 फीट) पर लोटस पीक है।यहाँ ऐसी केबल कारें भी हैं जिनका उपयोग पर्यटक आधार से सीधे शिखर तक की सवारी करने के लिए कर सकते हैं।
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माउंट किनाबालु (Mount Kinabalu) बोर्नियो में सबसे ऊंचा पर्वत है। इसकी ऊंचाई 4,095 मीटर (13,435 फीट) है। पहाड़ अपनी जबरदस्त वनस्पति और जैविक प्रजातियों की जैव विविधता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। फर्न की 600 से अधिक प्रजातियां, 326 प्रजातियां, और 100 स्तनधारी प्रजातियां माउंट किनाबालु और इसके आसपास की पहचान की गई हैं।
माउंट किनाबालु (Mount Kinabalu) बोर्नियो में सबसे ऊंचा पर्वत है। इसकी ऊंचाई 4,095 मीटर (13,435 फीट) है। पहाड़ अपनी जबरदस्त वनस्पति और जैविक प्रजातियों की जैव विविधता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। फर्न की 600 से अधिक प्रजातियां, 326 प्रजातियां, और 100 स्तनधारी प्रजातियां माउंट किनाबालु और इसके आसपास की पहचान की गई हैं।