1/8
ऋषि कपूर ने साल 1973 में रिलीज़ हुई फिल्म 'बॉबी' से बॉलीवुड में बतौर हीरो अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग दर्शकों को बेहद पसंद आई और वो रातों-रात स्टार बन गए।
ऋषि कपूर ने साल 1973 में रिलीज़ हुई फिल्म 'बॉबी' से बॉलीवुड में बतौर हीरो अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग दर्शकों को बेहद पसंद आई और वो रातों-रात स्टार बन गए।
2/8
ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा 'खुल्लम खुल्ला' में लिखा है कि उन्होंने फिल्म 'श्री 420' के मशहूर गाने “प्यार हुआ इकरार हुआ” की शूटिंग के लिए रिश्वत ली थी। दरअसल, यह ऋषि कपूर का पहला सीन था। वह इस सीन के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी। लेकिन, जब उन्हें एक्ट्रेस नरगिस दत्त ने चॉकलेट दी। तब वह शूटिंग के लिए राजी हुए थे।
ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा 'खुल्लम खुल्ला' में लिखा है कि उन्होंने फिल्म 'श्री 420' के मशहूर गाने “प्यार हुआ इकरार हुआ” की शूटिंग के लिए रिश्वत ली थी। दरअसल, यह ऋषि कपूर का पहला सीन था। वह इस सीन के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी। लेकिन, जब उन्हें एक्ट्रेस नरगिस दत्त ने चॉकलेट दी। तब वह शूटिंग के लिए राजी हुए थे।
3/8
ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में  लिखा कि, “मेरे पिता ने अपनी फिल्म के गाने में हम तीनों भाई-बहन, डब्बू, ऋतु और मेरी झलक दिखाने की सोचा था। इस गाने की लाइन- 'मैं न रहूंगी, तुम न रहोगे, फिर भी रहेंगी निशानियां' के बीच हम तीनों भाई-बहन को बरसते हुए पानी में चलकर आना था। लेकिन पानी मेरी आंख में घुसकर मुझे परेशान कर रहा था।”
ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि, “मेरे पिता ने अपनी फिल्म के गाने में हम तीनों भाई-बहन, डब्बू, ऋतु और मेरी झलक दिखाने की सोचा था। इस गाने की लाइन- 'मैं न रहूंगी, तुम न रहोगे, फिर भी रहेंगी निशानियां' के बीच हम तीनों भाई-बहन को बरसते हुए पानी में चलकर आना था। लेकिन पानी मेरी आंख में घुसकर मुझे परेशान कर रहा था।”
4/8
ऋषि कपूर ने आगे लिखा कि बार-बार आंख में बारिश का पानी जा रहा था। जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। इसलिए उन्होंने फिल्म की शूटिंग करने से इनकार कर दिया। गाने की शूटिंग में लगातार बाधा देखकर एक्ट्रेस नरगिस दत्त ने ऋषि कपूर के नखरे का उपाय ढूंढ लिया।
ऋषि कपूर ने आगे लिखा कि बार-बार आंख में बारिश का पानी जा रहा था। जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। इसलिए उन्होंने फिल्म की शूटिंग करने से इनकार कर दिया। गाने की शूटिंग में लगातार बाधा देखकर एक्ट्रेस नरगिस दत्त ने ऋषि कपूर के नखरे का उपाय ढूंढ लिया।
5/8
ऋषि ने लिखा है, “हर रीटेक के समय नरगिस दत्त कैडबरी मिल्क चॉकलेट को एक बार मेरी आंखों के सामने लहराती थीं। अगर मैं अपने पिता के निर्देशानुसार शूट करूं, तो वह कैडबरी मिल्क चॉकलेट मुझे मिलना था। यह उपाय कारगर हुआ, क्योंकि इसके बाद मैंने सहयोग किया।”
ऋषि ने लिखा है, “हर रीटेक के समय नरगिस दत्त कैडबरी मिल्क चॉकलेट को एक बार मेरी आंखों के सामने लहराती थीं। अगर मैं अपने पिता के निर्देशानुसार शूट करूं, तो वह कैडबरी मिल्क चॉकलेट मुझे मिलना था। यह उपाय कारगर हुआ, क्योंकि इसके बाद मैंने सहयोग किया।”
6/8
ऋषि कपूर के जिंदगी से जुड़ा एक और राज है। दरअसल, ऋषि कपूर ने कभी भी रविवार को काम नहीं किया। रविवार उनके लिए परिवार का दिन होता था।
 बता दें कि, ऋषि कपूर के चाचा शशि कपूर भी रविवार को काम नहीं करते थे।
ऋषि कपूर के जिंदगी से जुड़ा एक और राज है। दरअसल, ऋषि कपूर ने कभी भी रविवार को काम नहीं किया। रविवार उनके लिए परिवार का दिन होता था। बता दें कि, ऋषि कपूर के चाचा शशि कपूर भी रविवार को काम नहीं करते थे।
7/8
हालांकि ऋषि कपूर अपने चाचा शशि कपूर के विपरीत थे। वह बेहद सख्त अनुशासनप्रिय पिता थे और अपने बच्चों से बहुत कम बात करते थे। बता दें कि ऋषि कपूर भी बचपन में अपने पिता से काफी डरते थे।
हालांकि ऋषि कपूर अपने चाचा शशि कपूर के विपरीत थे। वह बेहद सख्त अनुशासनप्रिय पिता थे और अपने बच्चों से बहुत कम बात करते थे। बता दें कि ऋषि कपूर भी बचपन में अपने पिता से काफी डरते थे।
8/8
ऋषि कपूर के बारे एक बात काफी मशहूर थी। कई लोगों का कहना था कि ऋषि कपूर थोड़े कंजूस थे, उन्हें लोगों को उपहार देना पसंद नहीं था। जब उनका बेटा रणबीर कपूर 16 साल का हुआ था, तब रणबीर ने अपनी मां से एक कार की फरमाइश की। लेकिन ऋषि कपूर ने साफ मना कर दिया।
ऋषि कपूर के बारे एक बात काफी मशहूर थी। कई लोगों का कहना था कि ऋषि कपूर थोड़े कंजूस थे, उन्हें लोगों को उपहार देना पसंद नहीं था। जब उनका बेटा रणबीर कपूर 16 साल का हुआ था, तब रणबीर ने अपनी मां से एक कार की फरमाइश की। लेकिन ऋषि कपूर ने साफ मना कर दिया।