PMC commissioner will present the budget on January 29, the standing committee approved

  • प्रक्रिया लगभग हुई पूरी
  • अतिरिक्त आयुक्त कुणाल खेमनार की जानकारी

पुणे. महापालिका के लिए आय कमाने का सबसे बड़ा स्रोत टैक्स है. टैक्स की माध्यम से हाल ही में महापालिका की तिजोरी में 1200 करोड़ जमा हो चुके है, लेकिन शहर में अब भी कई ऐसी प्रोपर्टियां हैं, जिनका असेसमेंट नहीं हो चुका है, इसमें महापालिका का ही नुकसान है. इस वजह से अब महापालिका असेसमेंट पर जोर देगी. 

उसके लिए 200 कर्मियों की फ़ौज महापालिका भर्ती करेगी. उसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. इसके माध्यम से मनपा की आय बढ़ेगी. ऐसी जानकारी महापालिका अतिरिक्त आयुक्त डॉ कुणाल खेमनार ने दी, 

आईटी कंपनियों का लिया जाएगा सहारा 

ज्ञात हो कि महापालिका को हर साल टैक्स के माध्यम से 1400 करोड़ से अधिक राशि प्राप्त हो जाती है. टैक्स ही मनपा का आय कमाने का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन शहर में कई ऐसे लोग हैं, जो टैक्स का भुगतान नहीं करते. ऐसे लोगों को सहूलियत देने के लिए मनपा ने अभय योजना लागु की थी, लेकिन उसके माध्यम से महापालिका को उचित आय नहीं मिल पाई है. साथ ही कई ऐसी प्रोपर्टियां हैं, जिसकी असेसमेंट नहीं हो पाई है. इस वजह से महापालिका अब इस पर जोर देगी. ऐसा अतिरिक्त आयुक्त खेमनार ने कहा. खेमनार के अनुसार, उसके लिए मनपा प्रशासन ने स्वतंत्र 200 कर्मियों की फौज नियुक्त करने का फैसला लिया था. उसकी प्रक्रिया पूरी हुई है. असेसमेंट के साथ ही ये कर्मी वसूली का काम भी करेंगे. खेमनार ने कहा कि प्रॉपर्टी असेसमेंट सही तरीके से हो उसके लिए हम आईटी कंपनियों का भी सहारा लेंगे. उनके माध्यम से एक सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा, उससे प्रॉपर्टी असेसमेंट करने में आसानी होगी. कई कंपनियों के प्रस्ताव हमारे पास आए हुए है. 

वसूली पर दिया जाएगा जोर 

खेमनार ने आगे कहा कि प्रशासन द्वारा लागू की गई अभय योजना का कालावधि अब ख़त्म हो चूका है. योजना की वजह से हम 50 लाख से कम राशि होनेवाले बकायेदारों पर कार्रवाई नहीं कर पते थे, लेकिन अब हम उन पर कार्रवाई करना शुरू कर देंगे क्योंकि इन बकायेदारों के पास सालों से राशि बक़ाई हुई है. ये लोग भुगतान करने का नाम नहीं ले रहे हैं. इस वजह से अब कार्रवाई के माध्यम से राशि वसूली जाएगी. उससे सम्बंधित निर्देश मनपा प्रशासन से दिए गए है. 

15 लाख अर्जियां भरी जाएंगी 

डॉ खेमनार ने आगे कहा कि सम्पंतियों का असेसमेंट करने के लिए हमने स्वास्थ्य कर्मियों को भी काम पर लगाया है. इन कर्मियों के पास हमने अर्जियां दी है. जिसमें प्रॉपर्टी धारक को अपने प्रॉपर्टी की जानकारी देनी है. इसके माध्यम से हमें पता चलेगा कि प्रॉपर्टी की असेसमेंट हुई है या नहीं. कर्मियों द्वारा 5 लाख अर्जिया जमा की है. साथ ही हमारा उद्देश्य है कि ऐसी 15 लाख अर्जियां वितरित की जाए. जिसकी माध्यम से नई प्रोपर्टियों का पता चलेगा. इससे मनपा के आय में भी बढ़ोतरी होगी. 

शहर में अब भी कई ऐसी प्रोपर्टिया हैं, जिनका असेसमेंट नहीं हो चुका है, इसमें महापालिका का ही नुकसान है. इस वजह से अब महापालिका असेसमेंट पर जोर देगी. उसके लिए 200 कर्मियों की फ़ौज महापालिका भर्ती करेगी. असेसमेंट सही तरीके से हो उसके लिए हम आईटी कंपनियों का भी सहारा लेंगे. उनके माध्यम से एक सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा.

-ड़ॉ कुणाल खेमनार, अतिरिक्त आयुक्त, महापालिका