China and India leaders shaking hands on a deal agreement
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– गलवान घाटी प्रकरण के पहले हुआ था करार

पिंपरी. लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प से पहले ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र 2.0’ के तहत एमओयू पर सोमवार को हस्ताक्षर किए गए थे. एलएसी पर गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद हो गए. इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने तीन चीनी कंपनियों समेत विभिन्न देशों के 12 कंपनियों के साथ 16 हजार करोड़ रुपए के एमओयू (मोमेरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए हैं. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि तीन चीनी कंपनियों का सामूहिक रूप से निवेश पांच हजार करोड़ रुपए से अधिक हैं. ये कंपनियां पुणे जिले स्थित तलेगांव के औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करेंगी.

बताया गया है कि हेंगली इंजीनियरिंग, पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस जेवी विद फोटॉन और ग्रेट वॉल मोटर्स नामक तीनों चीनी कंपनियां पुणे जिले के तलेगांव में निवेश करेंगी. हेंगली इंजीनियरिंग 250 करोड़ रुपए और ऑटो सेक्टर में पीएमआई एक हजार करोड़ रुपए निवेश करेगा. वहीं ग्रेट वॉल मोटर्स 3770 करोड़ रुपए के निवेश से एक ऑटोमोबाइल कंपनी स्थापित करेगी. इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर देशों की कंपनियों साथ यह करार किए गए हैं. ये कंपनियां ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग, इंजीनियरिंग और मोबाइल उत्पादन जैसे विविध क्षेत्रों से हैं.

ये विदेशी कंपनियां करने जा रही निवेश

जो विदेशी कंपनियां पुणे जिले समेत महाराष्ट्र राज्य में निवेश करने जा रही हैं उनमें एक्सॉन मोबिल (अमेरिका) ऑइल एंड गॅस- इसाम्बे, रायगड 760 करोड़ रुपए, हेंगली (चीन) इंजिनिअरिंग- तलेगाँव चरण क्रमांक-2, पुणे 250 करोड़ रुपए, सेंडास (सिंगापुर) लॉजिस्टिक- चाकण-, तलेगांव, पुणे, भिवंडी, ठाणे 560 करोड़ रुपए, एपिजी डिसी (सिंगापुर) डेटा सेंटर- टीटीसी, ठाणे- महापे 1100 करोड़ रुपए, इस्टेक (दक्षिण कोरिया) इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टीम डिजाईन – रांजणगाव, पुणे 120 करोड़ रुपए, पीएमआय इलेक्ट्रो मोबिलिटी सोल्यूशन जेवी विथ फोटोन (चीन) ऑटो-तलेगांव 1000 करोड़ रुपए, रैकबैंक (सिंगापुर) डेटा सेंटर- ठाणे, हिंजेवाडी, पुणे 1500 करोड़ रुपए, ग्रेट वॉल मोटर्स (चीन) ऑटो मोबाइल तलेगांव – पुणे 3770 करोड़ रुपए का समावेश है.