vaccine

पुणे. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच इस महामारी की रोकथाम के लिए ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तैयार की जा रही कोविड-19 वैक्सीन कोविशिल्ड के ट्रायल का तीसरा चरण पुणे के ससून हॉस्पिटल में शुरू किया गया. ससून जनरल अस्पताल के डीन डॉ. मुरलीधर तांबे ने बताया कि हमने संभावित टीके (कोविशील्ड) के तीसरे चरण का परीक्षण शुरू किया है. हम 150 से 200 स्वयंसेवकों को टीका लगाएंगें.

15 सितंबर को मिली पुन: ट्रायल की अनुमति

15 सितंबर को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. वीजी सोमानी ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके का उम्मीदवारों पर क्लीनिकल ट्रायल (चिकित्सकीय परीक्षण) फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी थी. हालांकि डीसीजीआई ने इसके लिए जांच के दौरान अतिरिक्त ध्यान देने समेत अन्य कई शर्तें रखी हैं. सीरम से डीजीसीआई ने विपरित परिस्थतियों से निपटने में नियम के अनुसार तय इलाज की भी जानकारी जमा करने को कहा है.

11 सितंबर को रोक दिया गया था परीक्षण

इससे पहले, 11 सितंबर को डीसीजीआई ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को निर्देश दिया था कि कोविड-19 के संभावित टीके के चिकित्सकीय परीक्षण पर रोक लगाई जाए क्योंकि एस्ट्राजेनिका ने अध्ययन में शामिल हुए एक व्यक्ति के तबीयत खराब होने के बाद अन्य देशों में परीक्षण रोक दिया था. ज्ञात हो कि कोविशिल्ड वैक्सीन के ट्रायल के दूसरे चरण के तहत भारती विद्यापीठ चिकित्सा महाविद्यालय और केईएम अस्पताल में परीक्षण किया गया था. उल्लेखनीय है कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इस टीके का उत्पादन करने में एसआईआई ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका की साझेदार है.