पुणे के 78% डॉक्टर नियमित रूप व्यायाम को देते हैं महत्व

– बाणेर बालेवाड़ी मेडिकोज एसोसिएशन ने किया डॉक्टरों का सर्वेक्षण

पुणे. काफी कार्यव्यस्तता के बावजूद भी पुणे के करीब 78 प्रतिशत डॉक्टर नियमित तौर पर व्यायाम को प्राथमिकता देते हैं तथा 98 प्रतिशत डॉक्टर यह मानते हैं कि व्यायाम से शारीरिक और मानसिक तौर पर हम स्वस्थ रह सकते हैं. इस तरह के कई तथ्यों का खुलासा बाणेर-बालेवाड़ी मेडिकोज एसोसिएशन की ओर से डॉक्टरों के किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया है. यह एसोसिएशन हमेशा ही डॉक्टरों के लिए विभिन्न तरह के उपक्रम चलाता है.

इस सर्वेक्षण के संदर्भ में एसोसिएशन के संस्थापक तथा फिजिशीयन डॉ. राजेश देशपांडे और ईएनटी सर्जन तथा फिटनेस एडवायजर डॉ. कविता चौधरी ने बताया कि डॉक्टर लोगों से ज्यादा से ज्यादा फिट रहने के लिए कई सारी बातें बताते हैं, लेकिन खुद डॉक्टर इस पर कितना अमल करते हैं, अपनी सेहत के प्रति डॉक्टर कितने जागरुक हैं, यह जानने का हमने हमारा प्रयास था. इसलिए यह सर्वेक्षण कराया गया.

सर्वेक्षण में सामने आए विभिन्न तथ्य

उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण में यह बातें तो साफ हो गईं कि ज्यादातर डॉक्टर उनकी भागदौड़ और काफी व्यस्तता से भरी जिंदगी के बावजूद भी अपने आप को फिट रखने के लिए काफी प्रयास करते हैं. सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई कि 54 प्रतिशत डॉक्टर्स 10 वर्ष से भी अधिक समय से व्यायाम कर रहे हैं, जबकि 6 से 10 वर्षों से 15 प्रतिशत, 2 से 6 वर्षों से 19 प्रतिशत तथा पिछले 2 वर्षों से 12 प्रतिशत डॉक्टर व्यायाम नियमित तौर पर व्यायाम को प्राथमिकता देते हैं. इस सर्वेक्षण में व्यायाम को तरजीह देने का कारण भी डॉक्टरों से पूछा गया. जिसमें 18% डॉक्टरों ने कहा कि डाइबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों को दूर रखने के लिए यह जरुरी है, जबकि 25% डॉक्टरों का कहना था कि उन्हें अपना शरीर सुडौल और आकर्षक बनाना है और 24% ने कहा कि उन्हें अपना स्टैमिना सुधारना है.

 55% डॉक्टर एक घंटे तक व्यायाम करते है

सर्वेक्षण में पता चला कि 67% डॉक्टर प्रतिदिन व्यायाम करते है, जबकि 19% डॉक्टर सप्ताह में एक ही दिन व्यायाम करते है. करीब 55% डॉक्टर एक घंटे तक व्यायाम करते है, जबकि 14% डॉक्टर डेढ़ घंटे तक व्यायाम करते है. व्यायाम में आने वाली बाधाओं के कारणों का भी सर्वेक्षण में पता लगाया गया. इसमें 36% डॉक्टरों ने प्रोत्साहन की कमी को प्रमुख बाधा बताई, जबकि 17% डॉक्टरों ने समय की अपर्याप्तता को प्रमुख बाधा बताया. 8% डॉक्टरों ने पूर्व में हुई चोट को अपने व्यायाम की प्रक्रिया में प्रमुख बाधा बताया. सर्वेक्षण में यह भी पता चला कि 25 से 40 वर्ष की उम्र के करीब 24% है, जबकि 40 से 50 वर्ष की उम्र में 47% के है. 5% प्रतिशत डॉक्टरों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है.

व्यायाम के लाभ पर डॉक्टरों की राय

इस सर्वेक्षण में व्यायाम के लाभों पर पूछे जाने पर डॉक्टरों की राय अलग-अलग रही. कुछ डॉक्टरों का कहना है कि व्यायाम से उनका मन और शरीर स्वस्थ रहता है, कुछ ने कहा कि उन्हें काफी शांति प्राप्त होती है, कुछ का मानना है कि इससे उन्हें स्वयं अनुशासन का अनुभव होता है, जबकि कुछ डॉक्टरों का कहना था कि रोगों से दूर रहने के लिए व्यायाम महत्वपूर्ण है. कुछ डॉक्टरों का मानना है कि व्यायाम से सकारात्मकता को बढ़ावा मिलता है.