टैक्स वसूली के लिए 9,000 कर्मचारी, मनपा की आय में होगी वृद्धि

पुणे. महापालिका कमिश्नर ने शहर के 15 क्षेत्रीय आयुक्तों को पुणे महापालिका के गैर-कर योग्य आय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए सोमवार से महापालिका के स्वास्थ्य विभाग के 9000 कर्मचारियों से शुरू करने का निर्देश दिया है.

इसको लेकर मनपा के कांग्रेस गुटनेता आबा बागुल ने भी प्रयास किए थे. ऐसी जानकारी बागुल ने दी.

 प्रॉपर्टियों का होगा मूल्यांकन

महापालिका में पिछले कई वर्षों में टैक्स का भुगतान न करने का आकलन हो, इसके लिए बागुल लगातार प्रयास कर रहे थे. महापालिका ने इस उद्देश्य के लिए एक जीआईएस मैपिंग प्रणाली भी स्थापित की थी, लेकिन जीआईएस मैपिंग के आंशिक रूप से परित्याग के कारण, महापालिका के स्वास्थ्य कर्मी लोगों के घर जाकर काम करने लगे.  उन्होंने नगर कमिश्नर को आयकर का भुगतान करने वालों और जो नहीं करने वालों के लिए फॉर्म देकर जानकारी एकत्र करने का प्रस्ताव दिया था. कमिश्नर की मंजूरी से इसे पुणे शहर में अघोषित संपत्तियों के बारे में जानकारी मिल जाएगी और इन संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा. इसलिए निगम को हर साल लगभग 300 से 350 करोड़ रुपये की बड़ी आय प्राप्त होगी.  मनपा को आय के विभिन्न स्रोत प्रदान करने के लिए एक राजस्व समिति का गठन भी किया गया है. पुणे शहर में कई बड़ी परियोजनाएं धन की कमी के कारण ठप हैं.

कर्मियों को दे सहयोग

बागुल की राय है कि यह ऐतिहासिक फैसला इसी दृष्टिकोण से किया गया है. अगर हर साल NMC का राजस्व 300 से 350 करोड़ रुपये तक बढ़ जाता है, तो HCMTR जैसी बड़ी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. बागुल ने कहा कि मैं पुणे शहर के सभी संपत्ति मालिकों से यह कहना चाहूंगा कि टैक्स  कर्मी हमारे दरवाजे पर आ रहा है. शहर के 15 क्षेत्रीय आयुक्तों को फॉर्म वितरित किए गए हैं. जल्द ही मनपा  स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आपके पास आएंगे.उन्हें सभी जानकारी दें, टैक्स  का भुगतान करें और पुणे शहर के विकास को गति दें. ऐसी अपील भी बागुल ने की.